Choice International Limited ने Optimo Investment Adviser Private Limited को महज़ ₹1,000 में अधिग्रहित किया है। 31 मार्च 2025 तक Optimo का नेट वर्थ (-) ₹98,022 था और उसका कोई टर्नओवर दर्ज नहीं किया गया था।
सपोर्ट फंक्शन्स का कंसॉलिडेशन
Optimo अब Choice International की पूरी तरह से मालिकाना हक वाली सब्सिडियरी बन जाएगी और रेगुलेटरी अप्रूवल मिलने के बाद इसका नाम बदलकर "Choice Unified Services Private Limited" कर दिया जाएगा। यह कदम Choice International की उस रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत कंपनी एक सपोर्ट सर्विसेज मॉडल अपनाना चाहती है। इसका लक्ष्य ऑपरेशनल एफिशिएंसी को बढ़ाना और पूरे ग्रुप की लागत को ऑप्टिमाइज़ करना है।
इस एकीकरण से कंपनी के इंटरनल सपोर्ट फंक्शन्स को और अधिक सुव्यवस्थित किया जाएगा। Optimo को इंटीग्रेट करके, Choice International एक ऐसी डेडिकेटेड इकाई बनाना चाहती है जो ऑपरेशनल परफॉरमेंस और कॉस्ट मैनेजमेंट पर फोकस करे, जिससे पूरे ग्रुप में रिसोर्स यूटिलाइजेशन में सुधार हो सके।
ग्रोथ एक्विजिशन से स्ट्रैटेजिक शिफ्ट
यह इंटरनल रीस्ट्रक्चरिंग Choice International के हालिया विस्तार प्रयासों से अलग है। कंपनी ने पहले Fintoo Group और Glory Prime Wealth (अक्टूबर 2025 में ₹635 करोड़ AUM जोड़ा) और Arete Capital Services (2025 की शुरुआत में ₹5,000 करोड़ से अधिक AUM जोड़ा) जैसे एक्विजिशन के ज़रिए अपने वेल्थ मैनेजमेंट बिजनेस का विस्तार किया था। Optimo का अधिग्रहण क्लाइंट-फेसिंग बिजनेस एक्सपेंशन के बजाय ऑपरेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर को मज़बूत करने की ओर फोकस में बदलाव का संकेत देता है।
Optimo के लिए मुख्य बदलाव
अधिग्रहण के बाद, Optimo Investment Adviser Private Limited ग्रुप ऑपरेशन्स को सपोर्ट करने वाली अपनी नई भूमिका के अनुरूप एक पूरी तरह से मालिकाना हक वाली सब्सिडियरी के तौर पर काम करेगी। इस इंटीग्रेशन से बैक-ऑफिस फंक्शन्स को स्ट्रीमलाइन करने और ऑपरेशनल खर्चों को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
नज़र रखने योग्य मुख्य रिस्क
इसमें Optimo से अपेक्षित एफिशिएंसी गेन्स को प्राप्त करने और स्मूथ ट्रांज़िशन सुनिश्चित करने की चुनौतियाँ शामिल हैं। Choice International की सब्सिडियरीज़ के खिलाफ अतीत में हुई रेगुलेटरी कार्रवाइयां, जिनमें क्लाइंट फंड के दुरुपयोग और साइबर सुरक्षा में चूक के लिए SEBI द्वारा लगाए गए जुर्माने शामिल हैं, भी नोट की गई हैं। Optimo का भविष्य का प्रदर्शन काफी हद तक Choice International की एक्जीक्यूशन स्ट्रेटेजी पर निर्भर करेगा, खासकर इसके सीमित फाइनेंशियल हिस्ट्री को देखते हुए।
कॉम्पिटिटिव लैंडस्केप
Choice International भारत के कॉम्पिटिटिव फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर में Edelweiss Financial Services, Motilal Oswal Financial Services, Angel One, और IIFL Securities जैसे प्लेयर्स के साथ ऑपरेट करती है। जहां कई कंपटीटर्स आक्रामक क्लाइंट एक्विजिशन पर फोकस कर रहे हैं, वहीं Choice की स्ट्रेटेजी अपने ऑपरेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने की है।
आगे क्या देखें
अगले कदमों में नाम बदलने के लिए कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय (Ministry of Corporate Affairs) से ज़रूरी अप्रूवल प्राप्त करना शामिल है। प्रमुख मेट्रिक्स में Choice International के ऑपरेशनल फ्रेमवर्क में Optimo का सफल इंटीग्रेशन और एफिशिएंसी व कॉस्ट ऑप्टिमाइजेशन में कोई भी मापा जा सकने वाला सुधार शामिल होगा।