मर्चेंट बैंकिंग से बाहर निकलेगी कंपनी
Chartered Capital & Investment Ltd के बोर्ड ने अपने मर्चेंट बैंकिंग बिज़नेस से एग्जिट करने और भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) के पास अपना मर्चेंट बैंकिंग रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट सरेंडर करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह प्रक्रिया 03 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगी।
एग्जिट की वजहें
कंपनी का कहना है कि मर्चेंट बैंकिंग सेगमेंट पिछले दो सालों से ज्यादा समय से नॉन-ऑपरेशनल (गैर-संचालित) था। इसके अलावा, मौजूदा मार्केट कंडीशंस (बाजार की स्थितियां) को देखते हुए कंपनी ने यह स्ट्रेटेजिक (रणनीतिक) फैसला लिया है ताकि ऑपरेशंस को स्ट्रीमलाइन (व्यवस्थित) किया जा सके और रिसोर्सेज (संसाधनों) को बेहतर तरीके से री-एलोकेट (पुनर्आवंटित) किया जा सके।
नए कम्प्लायंस ऑफिसर की नियुक्ति
इस बड़े बदलाव के साथ ही, कंपनी ने नेविल शेठ को नया कम्प्लायंस ऑफिसर (अनुपालन अधिकारी) नियुक्त किया है। यह नियुक्ति भी 03 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगी। वह सागर भट्ट की जगह लेंगे। यह कदम कंपनी के गवर्नेंस स्ट्रक्चर (शासन ढांचे) में बदलाव को दर्शाता है और रेगुलेटरी स्टैंडर्ड्स (नियामक मानकों) का पालन सुनिश्चित करेगा।
Chartered Capital & Investment Ltd, 01 अप्रैल 1994 से SEBI के साथ एक रजिस्टर्ड कैटेगरी I मर्चेंट बैंकर के रूप में काम कर रही थी। यह इश्यू मैनेजमेंट, टेकओवर असाइनमेंट्स और कॉर्पोरेट एडवाइजरी जैसी सेवाएं देती रही है।
पिछली चुनौतियाँ
कंपनी पहले भी रेगुलेटरी जांच के दायरे में रही है। साल 2015 में, SEBI ने RDB Rasayans Limited के IPO के दौरान ड्यू डिलिजेंस (उचित परिश्रम) की कमी के आरोपों पर कार्रवाई शुरू की थी। हाल ही में, जुलाई 2022 में, CCIL ने Mazda Ltd के शेयरों की बायबैक के दौरान मर्चेंट बैंकर के नियमों के कथित उल्लंघन के मामले में SEBI के साथ ₹10.87 लाख का सेटलमेंट किया था।
