Formerly known as Checkpoint Trends Limited, Centuple Global Limited ने आधिकारिक तौर पर यह साफ कर दिया है कि यह फाइनेंशियल ईयर 2025-2026 के लिए 'लार्ज कॉर्पोरेट एंटिटी' (LCE) के मानदंडों को पूरा नहीं करती है।
कंपनी ने खुलासा किया है कि FY 2025-2026 के लिए डेट सिक्योरिटीज के माध्यम से इसका कुल उधार ₹6.73 करोड़ रहा। यह आंकड़ा सेबी (SEBI) द्वारा LCE स्टेटस के लिए निर्धारित की गई सीमा से काफी नीचे है।
सेबी के नियमों के अनुसार, एक लिस्टेड एंटिटी आम तौर पर तब लार्ज कॉर्पोरेट एंटिटी मानी जाती है जब उसके पास ₹1,000 करोड़ या उससे अधिक का बकाया लॉन्ग-टर्म बरोइंग (long-term borrowing) हो और उसकी क्रेडिट रेटिंग 'AA' या उससे ऊपर हो। ऐसे एंटिटीज़ को एक निश्चित अवधि में लिस्टेड डेट सिक्योरिटीज के माध्यम से अपनी योग्य बरोइंग का न्यूनतम प्रतिशत जुटाना आवश्यक होता है।
चूंकि Centuple Global का FY26 के लिए कर्ज का स्तर आवश्यक बेंचमार्क तक नहीं पहुंचा है, इसलिए कंपनी इन अधिक कड़े डेट इश्यूएंस (debt issuance) की ज़रूरतों के अधीन नहीं होगी। यह पुष्टि कंपनी की स्थिति को और मजबूत करती है, जिसका संकेत पहले सेबी सर्कुलर का जिक्र करते हुए फाइलिंग में दिया गया था।
शेयरहोल्डर्स के लिए, इसका मतलब है कि Centuple Global Limited बड़े कॉर्पोरेट्स पर लागू होने वाले विशिष्ट, अधिक कड़े नियमों के बजाय सामान्य कॉर्पोरेट उधार नॉर्म्स (norms) के तहत काम करना जारी रखेगी। यह क्लासिफिकेशन कंपनी को अपनी डेट-रेजिंग (debt-raising) स्ट्रेटेजीज़ में अधिक फ्लेक्सिबिलिटी (flexibility) प्रदान कर सकता है। इसका मतलब है कि Centuple Global को लगातार तीन साल की अवधि में योग्य बरोइंग का 25% डेट सिक्योरिटीज के माध्यम से जुटाने की सेबी की आवश्यकता को पूरा करने की बाध्यता नहीं होगी।
निवेशक संभवतः भविष्य के खुलासों पर नज़र रखेंगे कि क्या Centile Global का कर्ज स्तर आने वाले फाइनेंशियल इयर्स में LCE की सीमा तक पहुंचता है और अपनी वर्तमान क्लासिफिकेशन के तहत कंपनी की ऑपरेशनल फंडिंग और ग्रोथ स्ट्रेटेजीज़ को ट्रैक करेंगे।
