कंपनी का दमदार परफॉरमेंस और भविष्य की योजना
Capri Global Capital Ltd. के बोर्ड ने 30 अप्रैल, 2026 को हुई बैठक में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए कंपनी के ऑडिटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स को हरी झंडी दे दी है। ऑडिटर की तरफ से कंपनी को क्लीन रिपोर्ट मिली है। शेयरधारकों को पुरस्कृत करने के लिए, बोर्ड ने ₹0.20 प्रति इक्विटी शेयर के फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की है।
इसके अलावा, कंपनी ने भविष्य की ग्रोथ को बढ़ावा देने और अपने लोन बुक (loan book) का विस्तार करने के लिए अपनी कुल उधार लेने की सीमा (aggregate borrowing limit) को ₹25,000 करोड़ से बढ़ाकर ₹35,000 करोड़ करने का एक अहम प्रस्ताव दिया है। इस बड़े कदम के लिए शेयरधारकों की मंजूरी जरूरी होगी।
वित्तीय लचीलापन और ग्रोथ की राह
उधार सीमा में यह बढ़ोतरी Capri Global को मजबूत वित्तीय लचीलापन (financial flexibility) प्रदान करेगी, जिससे कंपनी भविष्य में अपनी ग्रोथ पहलों को तेजी से आगे बढ़ा सकेगी। यह कदम कंपनी की लोन देने की क्षमता को बढ़ाएगा और आने वाले सालों में बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करने में मदद करेगा।
Capri Global Capital के बारे में
Capri Global Capital भारत के फाइनेंशियल सेक्टर में एक डायवर्सिफाइड नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) के तौर पर काम करती है। कंपनी ने पहले भी डेट इश्यू (debt issuances) और क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट्स (QIPs) जैसे माध्यमों से फंड जुटाकर हाउसिंग फाइनेंस और एमएसएमई लेंडिंग (MSME lending) में अपनी रणनीतिक विस्तार योजना को आगे बढ़ाया है।
आगे क्या उम्मीद करें?
निवेशकों को अब आगामी एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में उधार सीमा बढ़ाने के प्रस्ताव पर शेयरधारकों के वोट के नतीजे का इंतजार करना होगा। साथ ही, प्रस्तावित फाइनल डिविडेंड के पेमेंट शेड्यूल पर भी नजर रखना महत्वपूर्ण होगा। कंपनी द्वारा ₹35,000 करोड़ की बढ़ी हुई उधार क्षमता का रणनीतिक रूप से कैसे उपयोग किया जाएगा, यह देखना दिलचस्प होगा।
