Can Fin Homes के लिए वित्तीय वर्ष 2026 (FY26) के नतीजे उत्साहजनक रहे हैं। कंपनी ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के लिए ₹1,085.75 करोड़ का नेट प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) दर्ज किया है, जो पिछले साल के ₹857.17 करोड़ की तुलना में 26.66% की जोरदार बढ़ोतरी है।
इसके साथ ही, कंपनी के डायरेक्टर्स बोर्ड ने ₹8.00 प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड का सुझाव दिया है। इस तरह, FY26 के लिए कुल डिविडेंड ₹15.00 प्रति शेयर होगा।
कंपनी ने 'लार्ज कॉर्पोरेट' स्टेटस भी बनाए रखा है, जिसके तहत ₹31,782.14 करोड़ के क्वालिफाइड बॉरोइंग्स का बकाया है। स्टाफिंग की बात करें तो, डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर श्री विक्रम साहा ने इस्तीफा दे दिया है, वहीं श्री शैलेश कुमार सिंह की एडिशनल डायरेक्टर और होल टाइम डायरेक्टर के तौर पर नियुक्ति रेगुलेटरी अप्रूवल्स के अधीन है।
हालांकि, इन शानदार नतीजों के बीच ऑडिटर की रिपोर्ट में एक महत्वपूर्ण चिंता जताई गई है। रिपोर्ट के अनुसार, 172 ब्रांचों की अनऑडिटेड ब्रांच जानकारी को लेकर एक क्वालिफिकेशन (qualification) है। ये ब्रांचें कंपनी के एडवांसेज, डिपॉजिट्स और नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NPAs) के लगभग 40% हिस्से को कवर करती हैं। ऑडिटर की राय इन ब्रांचों के लिए केवल कंपनी के स्टैच्यूटरी ब्रांच ऑडिटर की रिपोर्ट पर निर्भर करती है, जो इस पैमाने पर चिंता का एक अहम बिंदु है।
1987 में केनरा बैंक (Canara Bank) द्वारा प्रमोटेड Can Fin Homes, हाउसिंग फाइनेंस सेक्टर में एक अहम खिलाड़ी है, जो खासकर मिडिल- इनकम सेगमेंट को टारगेट करती है। दिसंबर 2025 में इंडिया रेटिंग्स (India Ratings) ने कंपनी की लॉन्ग-टर्म इश्यूअर रेटिंग को 'IND AAA' तक अपग्रेड किया था। कंपनी HDFC Ltd, LIC Housing Finance Ltd, PNB Housing Finance Ltd जैसी बड़ी कंपनियों के साथ मुकाबला करती है।
शेयरहोल्डर्स आगामी एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में ₹8 फाइनल डिविडेंड के प्रस्ताव पर वोट करेंगे। वहीं, निवेशकों की नजरें मैनेजमेंट द्वारा ऑडिटर की चिंता पर उठाए जाने वाले कदमों और 'लार्ज कॉर्पोरेट' मानकों के अनुपालन पर टिकी रहेंगी।
