Q4 FY25 में दमदार परफॉरमेंस
Q4 FY25 (31 मार्च 2025 को समाप्त तिमाही) में CARE Ratings का नेट प्रॉफिट (PAT) ₹43.4 करोड़ रहा, जो पिछले साल की समान अवधि से 76.4% ज़्यादा है। वहीं, कंपनी का रेवेन्यू (Revenue from operations) भी 21.8% बढ़कर ₹109.7 करोड़ तक पहुँच गया।
14 मई को होगी Q4 FY26 की Earnings Call
अब, इस दमदार परफॉरमेंस की नींव पर, CARE Ratings ने 14 मई 2026 को दोपहर 1:30 बजे (IST) अपनी Q4 FY2026 और पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 के नतीजों पर चर्चा के लिए Earnings Call रखी है। इस कॉल का नेतृत्व MD & Group CEO मेहुल पांड्या और सीनियर मैनेजमेंट टीम करेगी। यह निवेशकों के लिए कंपनी की फाइनेंशियल हेल्थ, स्ट्रैटेजिक प्रायोरिटीज और FY2026 के फ्यूचर आउटलुक को समझने का एक अहम मौका होगा।
नए रोल्स और ESG में विस्तार
1993 से भारत की एक प्रमुख क्रेडिट रेटिंग एजेंसी और CareEdge Group का हिस्सा, CARE Ratings ने हाल ही में अपनी भूमिका का विस्तार किया है। SEBI ने CARE Ratings को Past Risk and Return Verification Agency (PaRRVA) के रूप में नियुक्त किया है, जो 4 मई 2026 से प्रभावी है। इसके अलावा, इसकी सब्सिडियरी CareEdge Global IFSC को ESG रेटिंग देने का लाइसेंस मिला है। इन नए डेवलपमेंट से कंपनी की भविष्य की दिशा तय होने की उम्मीद है।
मार्केट की चिंताएं और कॉम्पिटिशन
हालांकि, निवेशकों को कुछ मार्केट परसेप्शन पर भी ध्यान देना चाहिए। मार्च 2026 तक, MarketsMOJO ने CARE Ratings स्टॉक को 'Sell' रेट किया था, हालांकि 'गुड क्वालिटी ग्रेड' को स्वीकार किया। IL&FS जैसी घटनाओं के बाद पिछली प्रतिष्ठा संबंधी चुनौतियाँ भी चिंता का विषय बन सकती हैं। CARE Ratings, CRISIL Ltd (जो 60% से ज़्यादा मार्केट शेयर के साथ सबसे बड़ी कंपनी है) और Moody's से जुड़ी ICRA Ltd जैसे प्लेयर्स के साथ कॉम्पिटिटिव मार्केट में काम करती है। हालिया Q4 FY25 में, CARE Ratings के 76.4% के प्रॉफिट ग्रोथ ने ICRA के 19.1% और CRISIL के 7.5% के मुकाबले काफी बेहतर प्रदर्शन किया।
आगे की राह
आगे देखते हुए, निवेशक मैनेजमेंट से FY2026 के परफॉरमेंस पर डिटेल्ड आउटलुक और गाइडेंस सुनना चाहेंगे। नए PaRRVA रोल और ESG रेटिंग सेवाओं के ऑपरेशनल होने का असर, और वैल्यूएशन संबंधी चिंताओं को दूर करने की कंपनी की स्ट्रैटेजी मुख्य चर्चा के विषय हो सकते हैं।
