Avenue Supermarts, जो DMart रिटेल चेन का मालिकाना हक़ रखती है, ने अपने 'Centre of Excellence' के हेड और सीनियर मैनेजमेंटPersonnel, श्री राजeev चंद्रशेखरन के इस्तीफे की पुष्टि की है।
उन्होंने 6 अप्रैल 2026 को औपचारिक रूप से अपना इस्तीफा सौंपा था। व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए, श्री चंद्रशेखरन का कंपनी में आखिरी दिन 5 जुलाई 2026 तय किया गया है। कंपनी ने बताया कि श्री चंद्रशेखरन अपने बचे हुए समय में एक स्मूथ ट्रांजिशन (smooth transition) सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
'Centre of Excellence' की भूमिका का महत्व
DMart जैसी बड़ी रिटेलर कंपनी में 'Centre of Excellence' (CoE) का पद एक महत्वपूर्ण स्ट्रेटेजिक (strategic) भूमिका रखता है। इस पद पर रहने वाला व्यक्ति प्रमुख पहलों का नेतृत्व करता है, प्रोसेस में सुधार लाता है और ऑपरेशनल एक्सीलेंस (operational excellence) को बढ़ावा देता है। श्री चंद्रशेखरन के जाने से इस विभाग के चल रहे प्रोजेक्ट्स और स्ट्रेटेजिक दिशा पर सवाल उठ सकते हैं। एक सहज हैंडओवर (handover) बनाए रखना कंपनी के लिए महत्वपूर्ण होगा।
हालिया लीडरशिप (Leadership) बदलावों के बीच आया इस्तीफा
यह एग्जीक्यूटिव इस्तीफा Avenue Supermarts में हाल ही में हुए एक बड़े लीडरशिप बदलाव के तुरंत बाद आया है। 1 अप्रैल 2026 को अंशुुल असावा (Anshul Asawa) ने मैनेजिंग डायरेक्टर (Managing Director) और CEO का पद संभाला था। श्री चंद्रशेखरन खुद जनवरी 2025 में CoE के हेड बने थे, और उनके पास सप्लाई चेन (supply chain) और ऑपरेशन्स (operations) में Procter & Gamble जैसी मल्टीनेशनल कंपनियों का 20 साल से अधिक का अनुभव था।
ट्रांजिशन (Transition) का प्रबंधन और भविष्य की दिशा
Avenue Supermarts अब CoE का नेतृत्व करने के लिए एक नए सक्सेसर (successor) की पहचान और नियुक्ति पर ध्यान केंद्रित करेगा, ताकि स्ट्रेटेजिक डेवलपमेंट (strategic development) और ऑपरेशनल ऑप्टिमाइज़ेशन (operational optimization) का काम जारी रहे। श्री चंद्रशेखरन का चरणबद्ध तरीके से ट्रांजिशन सुनिश्चित करने का वादा, मौजूदा प्रोजेक्ट्स और विभागीय कार्यों में किसी भी तत्काल व्यवधान को कम करने में मदद करेगा। शेयरहोल्डर्स (shareholders) इस बात पर बारीकी से नजर रखेंगे कि कंपनी अंतरिम अवधि के दौरान इस भूमिका की जिम्मेदारियों को कैसे संभालती है और अंतिम रूप से कौन यह पद भरेगा।
एग्जीक्यूटिव ट्रांजिशन्स में इंडस्ट्री (Industry) के तौर-तरीके
Reliance Retail और Tata Consumer Products जैसी प्रमुख भारतीय रिटेल कंपनियां भी अपने Centres of Excellence पर काफी जोर देती हैं, जो इनोवेशन (innovation), रिसर्च (research) और डेवलपमेंट (development) के हब के तौर पर काम करते हैं। ये कंपनियां ऑपरेशनल निरंतरता बनाए रखने के लिए सक्सेशन प्लानिंग (succession planning) के ज़रिए एग्जीक्यूटिव ट्रांजिशन्स को मैनेज करती हैं, जो रिटेल सेक्टर में एक आम चलन है।
इन्वेस्टर्स (Investors) के लिए निगरानी के मुख्य क्षेत्र
इन्वेस्टर्स (investors) और एनालिस्ट्स (analysts) CoE के नए हेड की नियुक्ति की आधिकारिक घोषणा का इंतजार करेंगे। श्री चंद्रशेखरन की देखरेख में चल रहे प्रोजेक्ट्स की प्रगति और सफल समापन की निगरानी करना भी महत्वपूर्ण होगा। सीनियर मैनेजमेंट स्ट्रक्चर (senior management structure) या CoE के मैंडेट (mandate) से जुड़े स्ट्रेटेजिक एडजस्टमेंट्स (strategic adjustments) पर कोई भी अतिरिक्त अपडेट कंपनी की भविष्य की दिशा के लिए महत्वपूर्ण संकेतक होंगे।
