नतीजों में दम, मर्जर पर मुहर
Aster DM Healthcare के लिए बीता तिमाही (Q4 FY26) काफी मजबूत रहा। कंपनी ने ₹1,182 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 18% ज्यादा है। ऑपरेटिंग EBITDA में भी 31% की जोरदार बढ़ोतरी देखी गई, जो ₹253 करोड़ रहा।
सबसे अहम बात, शेयरहोल्डर्स ने Quality Care India Ltd (QCIL) के साथ प्रस्तावित मर्जर के लिए 96.68% वोट के साथ अपनी सहमति दे दी है। यह डील कंपनी को भारत के टॉप तीन हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स में शामिल करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
इस मर्जर के बाद बनी संयुक्त इकाई (Combined Entity) के प्रोफॉर्मा (Proforma) नतीजे भी काफी उत्साहजनक हैं। Q4 FY26 में, संयुक्त इकाई का रेवेन्यू 18% बढ़कर ₹2,361 करोड़ रहा, जबकि ऑपरेटिंग EBITDA 25% बढ़कर ₹517 करोड़ हो गया।
मर्जर का महत्व और आगे क्या?
QCIL के साथ यह मर्जर Aster DM Healthcare को भारत में एक बड़ा और एकीकृत हेल्थकेयर प्लेटफॉर्म बनाने में मदद करेगा। Blackstone और TPG जैसे बड़े निवेशकों का समर्थन इस डील को और मजबूती देता है। मर्जर पूरा होने के बाद, कंपनी 38 अस्पतालों के नेटवर्क के साथ 10,150 से अधिक बेड का प्रबंधन करेगी, जो 27 शहरों में फैला होगा।
कंपनी की भारतीय ऑपरेशन्स पर बढ़ती फोकस और इस मर्जर से उम्मीद है कि यह भारत के बड़े हेल्थकेयर प्लेयर्स जैसे Apollo Hospitals और Max Healthcare को कड़ी टक्कर देगी। मर्जर को Competition Commission of India (CCI) से पहले ही मंजूरी मिल चुकी है, बस अब NCLT से अंतिम मंजूरी का इंतजार है, जिसके बाद यह डील Q1 FY27 तक पूरी हो सकती है।
हालांकि, संयुक्त इकाई के प्रोफॉर्मा नंबर अभी अंतिम ऑडिटर के मंजूरी के अधीन हैं और कुछ नियामक आवश्यकताओं को पूरा करना बाकी है।
