नतीजों में ग्रोथ, पर ऑडिटर की चिंताएँ?
कंपनी के ₹46.57 करोड़ के रेवेन्यू और ₹4.62 करोड़ के नेट प्रॉफिट के साथ, Aptus Pharma ने 2025-26 के फिस्कल ईयर (Financial Year) का शानदार अंत किया है। इससे पहले वाले फिस्कल ईयर 2024-25 में कंपनी का रेवेन्यू ₹24.56 करोड़ और प्रॉफिट ₹3.10 करोड़ था। इस तरह, साल-दर-साल रेवेन्यू में करीब 89.64% और प्रॉफिट में लगभग 49.05% की जोरदार बढ़ोतरी हुई है।
शेयरधारकों को बोनस का तोहफा
नतीजों के साथ ही, Aptus Pharma के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने शेयरधारकों के लिए 3:2 के अनुपात में बोनस शेयर (Bonus Share) जारी करने की घोषणा की है। इसका मतलब है कि हर 2 शेयर रखने वाले निवेशकों को 3 नए शेयर मिलेंगे। बोनस शेयर के लिए रिकॉर्ड डेट 12 मई, 2026 तय की गई है। यह घोषणा कंपनी के सितंबर 2025 में सफल IPO के बाद आई है।
ऑडिटर की रिपोर्ट में चिंताजनक बातें
हालांकि, इन सकारात्मक खबरों के बीच, कंपनी के ऑडिटर (Auditor) की रिपोर्ट में कुछ चिंताजनक बातों का जिक्र है। ऑडिटर ने 'गोइंग कंसर्न' (Going Concern) यानी कंपनी के भविष्य में निरंतर चलते रहने की क्षमता पर अनिश्चितता जताई है। इसके साथ ही, धोखाधड़ी (Fraud) से जुड़े जोखिमों के बढ़ने का भी अलर्ट दिया गया है। ऑडिटर ने अंतरिम (Interim) छमाही वित्तीय आंकड़ों की समीक्षा को सीमित बताया।
कंपनी का बिज़नेस मॉडल और बाज़ार
Aptus Pharma गुजरात की एक फार्मा कंपनी है जो मुख्य रूप से कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग (Contract Manufacturing) के जरिए एसेट-लाइट मॉडल पर दवाओं की मार्केटिंग और डिस्ट्रीब्यूशन का काम करती है। इसके प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में कार्डियक, डायबिटिक, एक्यूट केयर और न्यूट्रास्यूटिकल सेगमेंट शामिल हैं। लगभग ₹250-260 करोड़ के मार्केट कैप वाली यह कंपनी भारतीय फार्मा सेक्टर में छोटे खिलाड़ियों में से एक है, जहाँ Sun Pharmaceutical Industries, Divi's Laboratories और Torrent Pharmaceuticals जैसी बड़ी कंपनियाँ भी मौजूद हैं।
निवेशकों को 12 मई की रिकॉर्ड डेट पर नजर रखनी चाहिए। साथ ही, यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कंपनी ऑडिटर की चिंताओं पर कैसे प्रतिक्रिया देती है और अपने कारोबार को कैसे आगे बढ़ाती है।
