SEBI के 'लार्ज कॉर्पोरेट' फ्रेमवर्क के तहत आने वाली सख्त एनुअल डिस्क्लोजर (Annual Disclosure) की ज़रूरतों से Anjani Finance को बड़ी राहत मिली है। कंपनी ने यह पुष्टि की है कि वह फाइनेंशियल ईयर 2026 (जो 31 मार्च 2026 को समाप्त होगा) के लिए 'लार्ज कॉर्पोरेट' की श्रेणी में नहीं आएगी। यह घोषणा SEBI के सर्कुलर और BSE नोटिस के अनुरूप है, जिससे कंपनी को कुछ खास रेगुलेटरी बोझों से मुक्ति मिली है।
'लार्ज कॉर्पोरेट' ढांचे के तहत, भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) उन संस्थाओं के लिए बढ़ी हुई अनुपालन (Compliances) की मांग करता है जो इस श्रेणी में आती हैं। इसमें आमतौर पर विशेष एनुअल डिस्क्लोजर और डेट इश्यूएंस (Debt Issuance) से संबंधित अन्य आवश्यकताएं शामिल होती हैं। इस वर्गीकरण के मानदंडों को पूरा नहीं करने की पुष्टि के साथ, Anjani Finance इन अतिरिक्त रेगुलेटरी बोझों और संभावित दंडों के अधीन नहीं होगी।
Anjani Finance Limited, जिसकी स्थापना 1989 में हुई थी और जो पहले Gujrat Guarantee and Financial Ltd. के नाम से जानी जाती थी, एक नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनी के तौर पर काम करती है। यह कंपनी, जो अग्रवाल ग्रुप (Agarwal Group) का हिस्सा है, विभिन्न तरह के लोन (Loans) प्रदान करती है और फाइनेंस से आगे बढ़कर विविध हितों में भी सक्रिय है। यह बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) में लिस्टेड है और इन्वेस्टमेंट व लेंडिंग एक्टिविटीज (Investment and Lending Activities) में लगी हुई है।
Anjani Finance के लिए, यह पुष्टि उसके वार्षिक रेगुलेटरी फाइलिंग (Regulatory Filings) को सरल बनाती है। कंपनी अपनी वित्तीय रणनीतियों (Financial Strategies) और फंडरेज़िंग (Fundraising) के तरीकों में अधिक लचीलापन बनाए रखेगी, क्योंकि यह सीधे तौर पर लार्ज कॉर्पोरेट्स पर लागू विशिष्ट जनादेशों के अधीन नहीं है। इस स्टेटस का मतलब है कि कंपनी को FY26 के लिए SEBI दिशानिर्देशों के अनुसार 'Annexure B2' में एनुअल डिस्क्लोजर फाइल करने की आवश्यकता नहीं होगी।
Anjani Finance की यह घोषणा अन्य लिस्टेड कंपनियों से भी इसी तरह की पुष्टि के अनुरूप है। NIS Management Limited, Rushabh Precision Bearings Limited, Flomic Global Logistics, Shetron Limited, और Stanrose Mafatlal Investments & Finance Limited जैसी कंपनियों ने भी हाल ही में FY26 या FY27 के लिए 'लार्ज कॉर्पोरेट' के रूप में अपनी गैर-लागू होने की पुष्टि की है। ये कंपनियां भी इसी तरह फ्रेमवर्क के मानदंडों को पूरा न करके सख्त अनुपालन व्यवस्थाओं से बाहर निकल रही हैं।
