सब्सिडियरी में भारी निवेश और उधार सीमा में बढ़ोतरी
Angel One लिमिटेड ने वित्तीय वर्ष 2026 (31 मार्च 2026 को समाप्त) के लिए अपने नतीजे पेश किए हैं। नतीजों के साथ ही, कंपनी के बोर्ड ने दो अहम रणनीतिक फैसलों पर मुहर लगाई है। कंपनी अपनी 100% स्वामित्व वाली सब्सिडियरी, Angel Fincap Private Limited और Angel One Wealth Limited में ₹1,500 करोड़-₹1,500 करोड़ यानी कुल ₹3,000 करोड़ का निवेश करेगी।
इसके अलावा, शेयरधारकों की मंजूरी के बाद कंपनी अपनी कुल उधार सीमा (Borrowing Limit) को बढ़ाकर ₹20,000 करोड़ कर सकती है। यह प्रस्ताव आगामी एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में रखा जाएगा।
ग्रोथ को मिलेगी रफ्तार
यह बड़ा निवेश Angel One की अपनी सब्सिडियरी कंपनियों के विस्तार, खासकर लेंडिंग (Lending) और वेल्थ मैनेजमेंट (Wealth Management) में अपनी मौजूदगी को गहरा करने की रणनीति को दर्शाता है। वहीं, ₹20,000 करोड़ की बढ़ी हुई उधार सीमा कंपनी को भविष्य के विकास, अधिग्रहण या पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure) के लिए वित्तीय लचीलापन प्रदान करेगी।
ऑडिटर्स और पिछले प्रदर्शन का लेखा-जोखा
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए, KPMG Assurance and Consulting Services LLP को इंटरनल ऑडिटर (Internal Auditor) के रूप में नियुक्त किया गया है। यह कदम कॉर्पोरेट गवर्नेंस और आंतरिक वित्तीय नियंत्रणों को मजबूत करने की दिशा में एक संकेत है।
हालिया प्रदर्शन की बात करें तो, Angel One ने फरवरी 2026 में ₹50 करोड़ नॉन-कनवर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) के जरिए जुटाए थे। हालांकि, FY25 में रेवेन्यू में 22.6% की वृद्धि के बावजूद, नेट प्रॉफिट में मामूली 4.1% की बढ़ोतरी हुई थी, जो मार्जिन पर दबाव को दर्शाता है।
नियामक मामलों पर भी नजर
मार्च 2026 में, Angel One ने एल्गो प्लेटफॉर्म (Algo Platform) संबंधी मामलों में SEBI के साथ ₹1 लाख का जुर्माना देकर निपटारा किया था। इससे पहले, नवंबर 2025 में, SEBI ने अनुपालन खामियों के लिए ₹6 लाख का जुर्माना लगाया था।
आगे क्या?
शेयरधारकों द्वारा ₹20,000 करोड़ की उधार सीमा को मंजूरी देना एक महत्वपूर्ण कदम होगा। 12 जून 2026 को होने वाली AGM में मैनेजमेंट की टिप्पणियां इन निवेशों और उधार क्षमता के उपयोग पर नई अंतर्दृष्टि प्रदान करेंगी।
