SEBI के नियमों का पालन
सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) के इनसाइडर ट्रेडिंग (Prevention of Insider Trading) रेगुलेशंस, 2015 के तहत, Alexander Stamps & Coin Limited ने कंपनी के अंदरूनी लोगों और उनके करीबी रिश्तेदारों के लिए इक्विटी शेयरों के कारोबार पर रोक लगा दी है।
यह रोक 1 अप्रैल, 2026 से प्रभावी होगी। कंपनी का फाइनेंशियल ईयर 31 मार्च, 2026 को समाप्त हो रहा है।
क्यों बंद हो रही है ट्रेडिंग विंडो?
यह ट्रेडिंग विंडो तब तक बंद रहेगी, जब तक कंपनी चौथी तिमाही और पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए अपने ऑडिटेड वित्तीय नतीजों की घोषणा नहीं कर देती। नतीजों की घोषणा के 48 घंटे बाद ही यह विंडो दोबारा खुलेगी।
इस कदम का मुख्य उद्देश्य इनसाइडर ट्रेडिंग को रोकना और किसी भी गैर-सार्वजनिक जानकारी के संभावित दुरुपयोग से बचना है। इससे शेयर बाजार में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनी रहती है।
कंपनी का बैकग्राउंड
Alexander Stamps & Coin Limited, जिसकी स्थापना 1992 में हुई थी, पहले Rudraksh Cap-Tech Limited के नाम से जानी जाती थी। दिसंबर 2016 में कंपनी ने अपना नाम बदला और अब यह दुर्लभ टिकटों, सिक्कों, प्राचीन वस्तुओं और अन्य संग्रहणीय वस्तुओं के ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के माध्यम से कारोबार करती है। कंपनी का मुख्यालय वडोदरा, गुजरात में है।
पिछली नियामक कार्रवाइयां
यह पहली बार नहीं है जब कंपनी नियामक जांच के दायरे में आई है। इससे पहले SEBI ने डायरेक्टर अनिरुद्ध सेठी को ₹1.18 करोड़ की राशि वापस करने का आदेश दिया था। वहीं, कंपनी ने 2018 में इनसाइडर ट्रेडिंग के उल्लंघन के मामले को ₹6.8 लाख में निपटाया था।
मार्केट में स्थिति
Alexander Stamps & Coin के खास बिजनेस (फिलैटली और न्यूमिस्मैटिक्स) के लिए सीधे लिस्टेड प्रतिस्पर्धी मिलना मुश्किल है। हालांकि, MMTC Ltd. जैसी कंपनियां, जो व्यापारिक गतिविधियों में शामिल हैं, कुछ हद तक परिचालन समानताएं रखती हैं।
निवेशकों को अब उस बोर्ड मीटिंग की तारीख का इंतजार रहेगा, जिसमें FY26 के वित्तीय नतीजों पर विचार और मंजूरी दी जाएगी। इन नतीजों की घोषणा ही ट्रेडिंग विंडो के खुलने का मुख्य ट्रिगर होगी।
