IPO से जुटाई गई रकम के इस्तेमाल पर Akums Drugs and Pharmaceuticals ने Q4 FY26 (31 मार्च, 2026 को समाप्त तिमाही) तक का अपडेट जारी किया है। कंपनी ने बताया कि IPO के कुल ₹642.18 करोड़ में से ₹637.37 करोड़ का उपयोग किया जा चुका है, और केवल ₹4.81 करोड़ ही अप्रयुक्त (Unspent) हैं।
फंड के इस आवंटन में सबसे बड़ा हिस्सा कर्ज चुकाने पर केंद्रित रहा। कंपनी ने अपने स्तर पर ₹159.91 करोड़ और अपनी सहायक कंपनियों के लिए ₹227.09 करोड़ का कर्ज भुगतान किया है। इसके अतिरिक्त, ₹55.00 करोड़ वर्किंग कैपिटल को मजबूत करने में, ₹167.50 करोड़ सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों (General Corporate Purposes) के लिए और ₹27.87 करोड़ रणनीतिक अधिग्रहण (Strategic Acquisitions) के लिए रखे गए।
निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण बात यह है कि अधिग्रहण की योजनाएं, जो मूल रूप से FY25 तक पूरी होने वाली थीं, अब FY26 के अंत तक के लिए टाल दी गई हैं। यह देरी अधिग्रहण के अवसरों को खोजने या सौदों को अंतिम रूप देने में संभावित चुनौतियों का संकेत दे सकती है।
भारत की एक प्रमुख कॉन्ट्रैक्ट फार्मास्युटिकल निर्माता Akums Drugs ने फरवरी 2024 में IPO लाकर करीब ₹680 करोड़ जुटाए थे। IPO फंड का बुद्धिमानी से इस्तेमाल, खासकर कर्ज घटाने और वर्किंग कैपिटल बढ़ाने में, कंपनी की वित्तीय स्थिति को मजबूत करने में मदद कर रहा है।
यह रणनीति फार्मा सेक्टर की अन्य प्रमुख कंपनियों, जैसे Divi's Laboratories, Laurus Labs, Syngene International, और Gland Pharma, के पूंजी आवंटन के तरीकों से मिलती-जुलती है, जो अपनी ग्रोथ और परिचालन दक्षता (Operational Efficiency) बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करती हैं।
अब निवेशकों की निगाहें शेष ₹4.81 करोड़ के इस्तेमाल और टली हुई अधिग्रहण योजनाओं की प्रगति पर टिकी रहेंगी, जो कंपनी के भविष्य के प्रदर्शन का महत्वपूर्ण संकेतक होंगी।