रेवेन्यू में रिकॉर्डतोड़ उछाल
Abans Financial Services Ltd ने 15 मई 2026 को अपनी ऑडिट रिपोर्ट पेश की, जिसमें फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) के शानदार नतीजे सामने आए। कंपनी का रेवेन्यू पिछले फाइनेंशियल ईयर (FY25) के ₹3,283.14 करोड़ के मुकाबले इस साल 730% बढ़कर ₹23,879.16 करोड़ पर पहुंच गया है।
NPA सौदों ने भरी उड़ान
इस असाधारण रेवेन्यू ग्रोथ की वजह नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (NPA) पोर्टफोलियो का बड़ा अधिग्रहण है। कंपनी ने पिछले साल के अंत और इस साल की शुरुआत में पंजाब नेशनल बैंक (PNB) से एक बड़ा NPA पोर्टफोलियो खरीदा था, जिसने रेवेन्यू में इस भारी उछाल को संभव बनाया।
मुनाफे में स्थिरता, आय में वृद्धि
जहां रेवेन्यू ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए, वहीं कंपनी का नेट प्रॉफिट (Profit After Tax) पिछले साल के ₹108.51 करोड़ की तुलना में थोड़ा घटकर ₹105.16 करोड़ दर्ज किया गया। हालांकि, टोटल कॉम्प्रिहेंसिव इनकम (Total Comprehensive Income) में 42% का जबरदस्त इजाफा हुआ और यह ₹167.93 करोड़ तक पहुंच गई।
भविष्य के लिए प्रोविजन्स और कंपनी का बैकग्राउंड
कंपनी ने नए लेबर कोड्स को लेकर कर्मचारी लाभों (Employee Benefits) के लिए प्रोविजन्स (Provisions) का भी जिक्र किया है, जिसका अंतिम असर राज्य के नियमों पर निर्भर करेगा। Abans Group की एक प्रमुख नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) के रूप में, Abans Financial Services का यह NPA अधिग्रहण वाला स्ट्रैटेजी, IIFL Finance, Muthoot Finance जैसे अन्य प्लेयर्स से अलग नजर आता है।