जुटाए गए फंड्स का क्या हुआ? कुछ नहीं!
360 ONE WAM लिमिटेड ने अपनी हालिया फाइलिंग में इस बात की पुष्टि की है कि 31 मार्च 2026 को समाप्त हुई तिमाही (Q4 FY26) में कंपनी ने जुटाए गए किसी भी फंड का इस्तेमाल नहीं किया है। कंपनी ने ₹391.59 करोड़ के प्रेफरेंशियल इश्यू ऑफ वारंट्स (preferential issue of warrants) और ₹2,111.80 करोड़ के राइट्स इश्यू (rights issue) के ज़रिए कुल ₹2,503.39 करोड़ की मोटी रकम जुटाई थी। मगर, इस तिमाही के दौरान इन पैसों में से एक भी रुपया खर्च नहीं हुआ।
कहां लगने थे पैसे?
रिपोर्ट्स के अनुसार, वारंट इश्यू से जुटाए गए ₹293.69 करोड़ का इस्तेमाल कर्ज चुकाने (debt repayment) के लिए और ₹97.90 करोड़ को सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों (general corporate purposes) के लिए आवंटित किया गया था। वहीं, राइट्स इश्यू से जुटाई गई रकम सब्सिडियरी कंपनियों में निवेश (investments in subsidiaries) और सामान्य कॉर्पोरेट ज़रूरतों को पूरा करने के लिए थी।
निवेशकों की चिंताएं और सवाल
फंड्स का इस्तेमाल न होने की खबर के साथ ही, निवेशकों के लिए चिंता के दो और बड़े कारण सामने आए हैं। पहला, प्रमोटरों की शेयरहोल्डिंग में भारी गिरावट देखी गई है। वारंट इश्यू के संबंध में, मार्च 2025 में प्रमोटरों की हिस्सेदारी 14.20% थी, जो सितंबर 2025 तक घटकर केवल 6.26% रह गई।
दूसरा, कंपनी का शेयर प्राइस भी इश्यू प्राइस से काफी नीचे चल रहा है। 31 मार्च 2026 तक, कंपनी का शेयर ₹949.60 पर था, जबकि वारंट इश्यू की ऑफर प्राइस ₹1,174.76 और राइट्स इश्यू की ऑफर प्राइस ₹1,030 थी।
आगे क्या?
यह स्थिति बताती है कि कंपनी की तरफ से योजनाओं के कार्यान्वयन (deployment) में देरी हो रही है। ऐसे में, निवेशक अब इस बात पर बारीकी से नज़र रखेंगे कि कंपनी इन जुटाए गए फंड्स का इस्तेमाल कब और किन कामों में करती है। प्रमोटरों की हिस्सेदारी में भविष्य के बदलाव और शेयर के भाव में तेजी भी निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण संकेत होंगे।
