क्या है पूरा मामला?
कंपनी ने BSE को दी जानकारी में स्पष्ट किया है कि Kush Bhagat और Kyra Bhagat के 0.33% शेयर, जो पहले 13,50,000 बताए गए थे, वास्तव में गिरवी नहीं रखे गए हैं। पहले 11 मार्च 2026 के खुलासे में इस बाबत एक विसंगति थी, जिसे अब ठीक कर लिया गया है। BSE ने 29 अप्रैल 2026 को इस संबंध में कंपनी से जवाब मांगा था, जिसके बाद 30 अप्रैल 2026 को कंपनी ने सुधारे हुए आंकड़े पेश किए।
पारदर्शिता क्यों है ज़रूरी?
शेयरों के गिरवी रखे जाने (encumbrance) की सही जानकारी देना बाज़ार में पारदर्शिता बनाए रखने और निवेशकों का भरोसा पक्का करने के लिए बेहद अहम है। इस सुधार से यह सुनिश्चित होता है कि निवेशकों को सही और सटीक जानकारी मिले, जो SEBI (सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया) के नियमों और कॉर्पोरेट गवर्नेंस (Corporate Governance) के मानकों के अनुरूप है।
कंपनी का पिछला रिकॉर्ड और शेयर ट्रांसफर
गौरतलब है कि 360 ONE WAM, जिसे पहले IIFL Wealth Management के नाम से जाना जाता था, ने जनवरी 2023 में अपना नाम बदला था। इसी साल 11 मार्च 2026 को Shilpa Bhagat से Kush Bhagat और Kyra Bhagat के बीच ऑफ-मार्केट ट्रांजेक्शन (Off-market Transaction) के ज़रिए शेयर ट्रांसफर हुए थे। Kush और Kyra Bhagat के शेयरों पर APAC Company XV Limited के साथ हुए एक रिटेंशन और प्रॉफिट-शेयरिंग एग्रीमेंट (Retention and Profit-Sharing Agreement) के तहत कुछ ट्रांसफर लिमिटेशन (transfer limitations) लागू होती हैं।
इस सुधार के बाद, शेयरधारकों को प्रमोटरों के शेयरों की वास्तविक गिरवी स्थिति की बेहतर समझ मिलेगी और संभावित चिंताएं दूर होंगी।
