SEBI के लिस्टिंग रेगुलेशन का पालन करने की दिशा में UFO Moviez India Ltd ने अपने शेयरधारक ढांचे में बड़ा बदलाव किया है। कंपनी के शेयरधारकों ने पोस्टल बैलट के माध्यम से Apollo Green Energy Limited और Mr. Raaja Kanwar की 5.87% की संयुक्त हिस्सेदारी को प्रमोटर/प्रमोटर ग्रुप कैटेगरी से पब्लिक कैटेगरी में रीक्लासिफाई करने की मंजूरी दे दी है।
इस फैसले को शेयरधारकों का जबरदस्त समर्थन मिला, जिसमें 96.84% वैध वोटों ने इसके पक्ष में मतदान किया।
यह क्यों महत्वपूर्ण है?
यह रीक्लासिफिकेशन UFO Moviez को SEBI के लिस्टिंग रेगुलेशन, खासकर रेगुलेशन 31A, के साथ संरेखित करने की दिशा में एक अहम कदम है। यह इन शेयरधारकों की स्थिति को औपचारिक रूप से बदलता है, जिससे भविष्य के कॉर्पोरेट गवर्नेंस डिस्क्लोजर और प्रमोटर होल्डिंग की परिभाषा पर असर पड़ेगा।
कंपनी की पृष्ठभूमि
Apollo Green Energy Limited (पहले Apollo International Limited) और Mr. Raaja Kanwar, शुरुआत में प्रमोटर/प्रमोटर ग्रुप के तौर पर वर्गीकृत थे। उन्होंने UFO Moviez को शुरुआती दौर में फंड (seed funding) मुहैया कराया था। बाद में PE निवेशों और 2015 में कंपनी के IPO के कारण उनकी हिस्सेदारी कम हो गई थी। कंपनी को BSE और NSE से 4 मार्च, 2026 को अनापत्ति प्रमाण पत्र (no-objection certificates) प्राप्त हुए थे, जो बोर्ड की 29 जनवरी, 2026 की मंजूरी के बाद आया।
मुख्य बदलाव:
- Apollo Green Energy Limited और Mr. Raaja Kanwar अब आधिकारिक तौर पर 'पब्लिक' शेयरधारक माने जाएंगे।
- कंपनी की प्रमोटर होल्डिंग का प्रतिशत इस रीक्लासिफिकेशन को दर्शाने के लिए समायोजित किया जाएगा।
- यह कदम शेयरधारक ढांचे के लिए SEBI के रेगुलेटरी फ्रेमवर्क के प्रति कंपनी के अनुपालन को दर्शाता है।
- भविष्य की कॉर्पोरेट गवर्नेंस रिपोर्टिंग में यह अपडेटेड वर्गीकरण दिखेगा।
निगरानी योग्य जोखिम
कंपनी ने यह भी बताया है कि 'पब्लिक' शेयरधारक के रूप में Apollo Green Energy और Mr. Raaja Kanwar की विशिष्ट व्यावसायिक गतिविधियां या संबंध अभी स्पष्ट नहीं हैं, जिससे उनके भविष्य के प्रभाव के बारे में कुछ अनिश्चितता बनी हुई है। UFO Moviez पहले भी रेगुलेटरी जांच का सामना कर चुकी है, जिसमें इनसाइडर ट्रेडिंग के आरोपों से संबंधित सेटलमेंट शामिल हैं।
कंपनी के मुख्य मेट्रिक्स:
- Q3 FY26 (31 दिसंबर, 2025 को समाप्त तिमाही) तक, कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹1,319 मिलियन था।
- कंपनी भारत के सबसे बड़े इन-सिनेमा एडवरटाइजिंग प्लेटफॉर्म का संचालन करती है, जिसके Q3 FY26 तक 3,783 स्क्रीन 1,347 शहरों में थे।