TV Vision: SEBI के 'लार्ज कॉर्पोरेट' क्राइटेरिया से बाहर, पर ₹294 Cr PNB कर्ज का साया मंडरा रहा!

MEDIA-AND-ENTERTAINMENT
Whalesbook Corporate News Logo
AuthorNeha Patil|Published at:
TV Vision: SEBI के 'लार्ज कॉर्पोरेट' क्राइटेरिया से बाहर, पर ₹294 Cr PNB कर्ज का साया मंडरा रहा!
Overview

TV Vision Ltd ने यह साफ कर दिया है कि कंपनी SEBI के 'लार्ज कॉर्पोरेट' केटेगरी में नहीं आती है। हालांकि, **₹109.92 करोड़** के लॉन्ग-टर्म कर्ज के बावजूद, कंपनी पर **₹294 करोड़** का पंजाब नेशनल बैंक (PNB) का भारी इंसॉल्वेंसी केस मंडरा रहा है।

Instant Stock Alerts on WhatsApp

Used by 10,000+ active investors

1

Add Stocks

Select the stocks you want to track in real time.

2

Get Alerts on WhatsApp

Receive instant updates directly to WhatsApp.

  • Quarterly Results
  • Concall Announcements
  • New Orders & Big Deals
  • Capex Announcements
  • Bulk Deals
  • And much more

SEBI के नियमों के तहत, 'लार्ज कॉर्पोरेट' का दर्जा कुछ खास फाइनेंशियल बेंचमार्क पर खरा उतरने वाली कंपनियों के लिए होता है। TV Vision Limited ने साफ किया है कि 31 मार्च 2026 तक उसके ऊपर ₹109.92 करोड़ का लॉन्ग-टर्म कर्ज था, जो SEBI के तय किए गए बड़े कॉर्पोरेट के मापदंडों को पूरा नहीं करता। कंपनी ने SEBI के 10 अगस्त 2021 के सर्कुलर और उसके बाद 13 अप्रैल 202219 अक्टूबर 2023 के अपडेट्स का हवाला दिया है।

इस क्लासिफिकेशन का सीधा मतलब है कि TV Vision Limited को बड़े कॉर्पोरेट्स के मुकाबले फंड जुटाने और कर्ज लेने के नियमों में थोड़ी ज्यादा फ्लेक्सिबिलिटी (Flexibility) मिल सकती है। SEBI के 'लार्ज कॉर्पोरेट' नियमों का पालन करने से कंपनियां बच जाती हैं, जिनके लिए कुछ खास तरह की डिस्क्लोजर (Disclosure) और फंड-रेजिंग (Fund-raising) प्रैक्टिसेज अनिवार्य होती हैं।

मगर, इस राहत के पीछे कंपनी की असली फाइनेंशियल हालत बेहद चिंताजनक है। सबसे बड़ा खतरा पंजाब नेशनल बैंक (PNB) द्वारा NCLT, मुंबई में दायर की गई इंसॉल्वेंसी पिटीशन (Insolvency Petition) है। PNB का दावा है कि कंपनी पर 4 मार्च 2026 तक लगभग ₹294.43 करोड़ का बकाया है। इसके अलावा, स्वामी फिल्म्स एंटरटेनमेंट का भी दिसंबर 2025 में ₹4.90 करोड़ का IBC क्लेम (Claim) था।

2007 में SABGROUP के तहत स्थापित TV Vision Ltd, ब्रॉडकास्टिंग सेक्टर (Broadcasting Sector) में काम करती है। यह Mastiii, Maiboli, और Dabangg जैसे चैनल मैनेज करती है और NSE (TVVI) व BSE (540083) पर लिस्टेड है।

लेकिन, कंपनी की वित्तीय सेहत बहुत कमजोर है। पिछले तीन सालों से लगातार रेवेन्यू (Revenue) और प्रॉफिट (Profit) में कोई ग्रोथ नहीं दिखी है। कंपनी का नेट वर्थ (Net Worth) नेगेटिव है, डेट-टू-इक्विटी रेश्यो (Debt-to-Equity Ratio) नेगेटिव है, ऑपरेटिंग कैश फ्लो (Operating Cash Flow) भी नेगेटिव है। EBITDA मार्जिन (Margins) काफी कम हैं, बुक वैल्यू (Book Value) नेगेटिव है, और प्रमोटर्स की 49.81% हिस्सेदारी प्लेज (Pledge) है।

हालिया नतीजों की बात करें तो, Q3 FY2025-26 में TV Vision का रेवेन्यू केवल ₹0.50 करोड़ रहा और कंपनी ने ₹6.01 करोड़ का नेट लॉस (Net Loss) दर्ज किया। 25 अप्रैल 2026 तक कंपनी का मार्केट कैपिटलाइज़ेशन (Market Capitalization) करीब ₹21 करोड़ था।

यह ध्यान देने वाली बात है कि TV Vision अकेली कंपनी नहीं है जिसने 'लार्ज कॉर्पोरेट' स्टेटस को लेकर क्लेरिफिकेशन दी है। Refex Industries (₹26.09 करोड़), A-1 Ltd (₹41.68 करोड़), और COSYN LIMITED (₹3.98 करोड़) जैसी कंपनियों ने भी कम कर्ज के कारण यह स्टेटस हासिल नहीं किया। SEBI ने 2023-24 में 'लार्ज कॉर्पोरेट' के लिए बोरिंग (Borrowing) का थ्रेशोल्ड (Threshold) बढ़ाकर ₹1,000 करोड़ कर दिया है, जिसके नीचे TV Vision का मौजूदा कर्ज आता है।

आगे निवेशकों की नजर PNB की इंसॉल्वेंसी पिटीशन के नतीजे पर रहेगी, क्योंकि यह कंपनी के भविष्य को पूरी तरह बदल सकता है। TV Vision के डेट मैनेजमेंट, ऑपरेशनल परफॉरमेंस और रिकवरी प्लान्स (Recovery Plans) से जुड़े किसी भी नए अपडेट पर कड़ी नजर रखी जाएगी।

Get stock alerts instantly on WhatsApp

Quarterly results, bulk deals, concall updates and major announcements delivered in real time.

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.