FY26 में TV Today Network का प्रदर्शन
कंपनी के ऑडिटेड नतीजों के अनुसार, 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए TV Today Network का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹849.59 करोड़ रहा, जबकि नेट प्रॉफिट ₹14.35 करोड़ दर्ज किया गया। वहीं, FY26 की चौथी तिमाही (Q4) में कंपनी का रेवेन्यू ₹227.03 करोड़ रहा और नेट प्रॉफिट ₹6.15 करोड़ रहा। पिछले फाइनेंशियल ईयर (FY25) में कंपनी का रेवेन्यू ₹844.09 करोड़ और नेट प्रॉफिट ₹17.18 करोड़ था। इससे साफ है कि FY26 में रेवेन्यू स्थिर रहा, लेकिन मुनाफे में थोड़ी गिरावट आई है।
Mail Today Newspapers में निवेश
TV Today Network के बोर्ड ने अपनी सब्सिडियरी Mail Today Newspapers Private Limited में ₹50 लाख के निवेश को भी मंजूरी दी है। इस फंड का इस्तेमाल सब्सिडियरी के वर्किंग कैपिटल, ऑपरेशनल जरूरतों और वैधानिक भुगतानों को पूरा करने के लिए किया जाएगा, ताकि कंपनी की दैनिक कार्यप्रणाली सुचारू रह सके। कंपनी के स्टैट्यूटरी ऑडिटर ने इन नतीजों पर अपनी अनमॉडिफाइड ओपिनियन (बिना किसी आपत्ति के राय) दी है।
कंपनी और इंडस्ट्री पर एक नज़र
TV Today Network, India Today Group का एक अहम हिस्सा है, जो 'आज तक' और 'इंडिया टुडे टीवी' जैसे न्यूज़ चैनल चलाता है। वहीं, इसकी सब्सिडियरी Mail Today Newspapers पिछले कुछ समय से वित्तीय चुनौतियों का सामना कर रही है। इंडस्ट्री के अन्य बड़े नामों की बात करें तो, FY23-24 में Sun TV Network ने ₹3,697 करोड़ का रेवेन्यू और ₹550 करोड़ का प्रॉफिट कमाया था। दूसरी ओर, Zee Entertainment Enterprises (ZEEL) का रेवेन्यू ₹8,948 करोड़ रहा, लेकिन कंपनी को ₹1,961 करोड़ का भारी नेट लॉस भी हुआ था। इस तुलना में, TV Today Network का प्रदर्शन रेवेन्यू के मामले में स्थिर है, लेकिन प्रॉफिट मार्जिन Sun TV से कम है और ZEEL की तरह भारी नुकसान से बचा हुआ है।
सब्सिडियरी की वित्तीय हालत एक जोखिम
TV Today Network के लिए एक बड़ा जोखिम Mail Today Newspapers की लगातार हो रही नेट लॉस की रिपोर्ट है। सब्सिडियरी की अपने पैरेंट कंपनी से लगातार वित्तीय मदद की निर्भरता, कंसोलिडेटेड प्रॉफिटेबिलिटी पर असर डाल सकती है। FY26 में Mail Today Newspapers ने विशेष रूप से ₹34.98 लाख का नेट लॉस दर्ज किया और उसका नेट वर्थ केवल ₹2.77 लाख था।
आगे क्या?
निवेशक अब Mail Today Newspapers की लाभप्रदता की ओर बढ़ने की प्रगति और उसके ऑपरेशंस में किसी भी रणनीतिक बदलाव पर नज़र रखेंगे। कंपनी के आने वाले Q1 FY27 के नतीजे और भारतीय मीडिया सेक्टर के व्यापक रुझान भी अहम कारक होंगे।