श्री हर्षित जैन ने 21 मार्च 2026 को अपना इस्तीफा सौंपा था, जो 30 मार्च 2026 के कारोबारी घंटों के अंत तक प्रभावी होगा। उन्होंने व्यक्तिगत कारणों का उल्लेख किया है। कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंजों को इस इस्तीफे की सूचना दे दी है और नए सीएफओ (CFO) की नियुक्ति की प्रक्रिया में है। जब तक कोई नया लीडर नहीं चुना जाता, तब तक यह पद खाली रहेगा।
SEA TV Network Limited, मीडिया और मनोरंजन क्षेत्र में एक जाना-माना नाम है। यह मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में मल्टी-सिस्टम ऑपरेटर (MSO) और ब्रॉडकास्टर के तौर पर काम करती है। कंपनी 'SEA NEWS UP/UK' और 'JINVANI' जैसे रीजनल चैनल्स चलाती है, जो क्षेत्रीय और धार्मिक कंटेंट पर फोकस करते हैं, साथ ही डिजिटल केबल टीवी सेवाएं भी प्रदान करती है।
हालांकि, कंपनी पिछले कुछ समय से गंभीर वित्तीय संकटों का सामना कर रही है। हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार, फाइनेंशियल ईयर 2025 (FY25) में कंपनी का नेट लॉस ₹4 करोड़ रहा, जो पिछले साल के मुकाबले एक बड़ी गिरावट दर्शाता है। कंपनी का बैलेंस शीट कमजोर है और प्रति शेयर बुक वैल्यू नकारात्मक है, जो इसकी सॉल्वेंसी (solvency) पर सवाल खड़े करता है।
हाल ही में एक ऑडिटर ने एक बड़ी समस्या उजागर की है। कंपनी ने असुरक्षित लोन पर ब्याज का प्रोविजन (provision) नहीं किया था, जिससे दिसंबर 2025 तिमाही में कंपनी के घाटे को कम करके दिखाया गया था। यह संभावित अकाउंटिंग समस्याओं या वित्तीय दबावों की ओर इशारा करता है।
SEA TV Network, Zee Entertainment Enterprises Ltd, Sun TV Network Ltd, और TV18 Broadcast Ltd जैसे बड़े प्लेयर्स के साथ मीडिया और मनोरंजन क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा करती है। इन बड़ी कंपनियों के पास आमतौर पर मजबूत वित्तीय संरचनाएं और व्यापक रेवेन्यू स्रोत होते हैं। इस क्षेत्र में एग्जीक्यूटिव (executive) स्तर पर बदलावों का कंपनियों के संचालन पर गहरा असर पड़ सकता है।
प्रमुख वित्तीय आंकड़े (Key Financial Figures):
- मार्च 2025 में समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹-4 करोड़ रहा, जो साल-दर-साल 113.6% की गिरावट है (FY2025 Standalone)।
- दिसंबर 2025 में समाप्त तिमाही (Q3 FY2026) के लिए, Sea TV Network ने ₹-1 करोड़ का नेट लॉस दर्ज किया, जो साल-दर-साल 40.7% की बढ़ोतरी है (Q3 FY2026 Standalone)।
निवेशकों की नजरें अब SEA TV Network Limited के नए चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) की नियुक्ति पर टिकी रहेंगी। कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन और हाल के घाटे व कमजोर बैलेंस शीट से निपटने की रणनीतियों पर अपडेट महत्वपूर्ण होंगे। नए नेतृत्व की प्रभावशीलता भी बारीकी से देखी जाएगी।
