टैक्स डिमांड पर मिली अस्थायी राहत!
NDTV ने कन्फर्म किया है कि उन्हें असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ इनकम टैक्स से 29 अप्रैल को एक स्टे ऑर्डर मिला है। यह ऑर्डर असेसमेंट ईयर 2008-09 के लिए ₹420.36 करोड़ की टैक्स डिमांड पर लागू होता है। यह राहत तब तक प्रभावी रहेगी जब तक कंपनी की कमिश्नर ऑफ इनकम टैक्स (अपील्स) के समक्ष चल रही अपील पर फैसला नहीं आ जाता। कंपनी ने 27 अप्रैल को इस स्टे की मांग की थी।
कंपनी को मिली आर्थिक सांस!
इस स्टे के मिलने से NDTV को तत्काल वित्तीय दबाव से बड़ी राहत मिली है। इतनी बड़ी रकम का तुरंत भुगतान कंपनी के लिए मुश्किल साबित हो सकता था। यह ऑर्डर कंपनी को अपनी अपील पर सुनवाई के दौरान भुगतान टालने की सुविधा देता है, जिससे तत्काल वित्तीय बोझ कम हुआ है।
टैक्स विवादों का इतिहास
NDTV का टैक्स अथॉरिटीज के साथ विवादों का पुराना इतिहास रहा है। असेसमेंट ईयर 2008-09 से जुड़े ऐसे ही एक पुराने टैक्स डिमांड में ₹443.28 करोड़ की राशि शामिल थी। इससे पहले 2014 में, AY 2009-10 के लिए ₹450 करोड़ की डिमांड पर भी कंपनी ने स्टे हासिल किया था। 2022 के अंत में Adani Group द्वारा कंपनी के अधिग्रहण के दौरान भी टैक्स क्लीयरेंस और संभावित देनदारियों पर अहम चर्चाएं हुई थीं, जो टैक्स से जुड़ी जांच की ओर इशारा करती हैं।
शेयरधारकों के लिए तात्कालिक राहत
यह स्टे कंपनी के शेयरधारकों (Shareholders) के लिए एक राहत की खबर है, क्योंकि ₹420.36 करोड़ के टैक्स का भुगतान अभी टल गया है। अब NDTV की वित्तीय रणनीति इस अपील के नतीजे पर निर्भर करेगी। जब तक यह स्टे प्रभावी है, तब तक टैक्स वसूली की आक्रामक कार्रवाई का जोखिम कम हो गया है।
आगे क्या हो सकता है?
हालांकि, यह स्टे स्थायी नहीं है और टैक्स अथॉरिटीज द्वारा इसकी समीक्षा की जा सकती है। इस डिमांड का अंतिम समाधान अपील के फैसले पर ही निर्भर करेगा। इसके अलावा, NDTV को मिलने वाले किसी भी टैक्स रिफंड को इस बकाया देनदारी के मुकाबले एडजस्ट (offset) किया जा सकता है।
हालिया वित्तीय प्रदर्शन
हालिया वित्तीय नतीजों पर नजर डालें तो, NDTV ने Q3 FY25-26 में 13.31% की साल-दर-साल वृद्धि के साथ ₹150.41 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया था। हालांकि, ऑपरेटिंग प्रॉफिट में 60.13% की गिरावट के साथ यह ₹-66.79 करोड़ रहा। पूरे FY24 के लिए, कंपनी ने ₹392 करोड़ का रेवेन्यू और ₹-21 करोड़ का नेट लॉस रिपोर्ट किया था।
निवेशकों की नजरें
निवेशक अब कमिश्नर ऑफ इनकम टैक्स (अपील्स) के समक्ष NDTV की अपील की प्रगति पर बारीकी से नजर रखेंगे, जिसमें हियरिंग की तारीखें और नतीजों पर ध्यान दिया जाएगा। स्टे ऑर्डर से जुड़ी किसी भी विशेष शर्त का विवरण भी महत्वपूर्ण होगा। इसके अतिरिक्त, टैक्स डिपार्टमेंट के रुख और इस आकस्मिक देनदारी के अंतिम समाधान से NDTV की बैलेंस शीट और दीर्घकालिक वित्तीय सेहत पर पड़ने वाले प्रभाव पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
