भारी टैक्स डिमांड से NDTV की मुश्किलें बढ़ीं
NDTV ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के लिए ₹323.16 करोड़ का कंसॉलिडेटेड नेट लॉस बताया है। कंपनी का स्टैंडअलोन रेवेन्यू भी 22% बढ़कर ₹352.31 करोड़ पर पहुँच गया था, लेकिन यह सब कंपनी के घाटे को कम नहीं कर सका।
कंपनी की वित्तीय स्थिति को मजबूत करने और विस्तार योजनाओं के लिए, NDTV ने अक्टूबर 2025 में ₹396.49 करोड़ का राइट्स इश्यू (Rights Issue) सफलतापूर्वक पूरा किया था। ऑडिटर्स ने भी कंपनी के FY26 के वित्तीय नतीजों पर अपनी अनमोडिफाइड राय (Unmodified Opinion) दी है।
हालांकि, कंपनी के सामने सबसे बड़ी चुनौती ₹420.36 करोड़ की एक भारी-भरकम इनकम टैक्स डिमांड है। यह राशि 31 मार्च 2026 तक कंपनी की ₹129.16 करोड़ की कंसॉलिडेटेड इक्विटी (Consolidated Equity) से तीन गुना से भी ज्यादा है, जो कंपनी के लिए एक बड़ा वित्तीय जोखिम (Financial Risk) पैदा करती है।
इसके अलावा, NDTV ₹3.07 करोड़ प्लस ब्याज की एक सेबी (SEBI) डिमांड नोटिस का सामना भी कर रही है, जो फिलहाल लिटिगेशन (Litigation) में है। ये सभी देनदारियां कंपनी की वित्तीय स्थिरता पर भारी पड़ रही हैं।
यह ध्यान देने योग्य है कि एडानी ग्रुप (Adani Group) ने 2022 के अंत में NDTV में कंट्रोलिंग स्टेक (Controlling Stake) का अधिग्रहण किया था। राइट्स इश्यू का मुख्य उद्देश्य ग्रोथ इनिशिएटिव्स (Growth Initiatives) को फंड करना और मौजूदा कर्ज को कम करना था।
मीडिया इंडस्ट्री अभी भी विज्ञापन राजस्व (Advertising Revenue) जैसी चुनौतियों का सामना कर रही है, जिसका असर TV18 Broadcast और Zee Entertainment Enterprises जैसी कंपनियों पर भी पड़ता है। लेकिन NDTV की ₹420.36 करोड़ की टैक्स और रेगुलेटरी देनदारियां इसे एक अनोखी और बड़ी मुसीबत में डालती हैं।
आगे चलकर, निवेशक ₹420.36 करोड़ की टैक्स डिमांड और सेबी पेनल्टी (SEBI Penalty) के समाधान पर बारीकी से नज़र रखेंगे। कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी (Profitability) हासिल करने और ऑपरेटिंग मार्जिन (Operating Margins) में सुधार करने की क्षमता, साथ ही राइट्स इश्यू के फंड का प्रभावी उपयोग, उसके भविष्य के प्रदर्शन के लिए महत्वपूर्ण होंगे।
