MPS Limited को इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने असेसमेंट ईयर 2024-25 के लिए ₹910.69 लाख, यानी ₹9.11 करोड़ का इनकम टैक्स असेसमेंट ऑर्डर और डिमांड नोटिस जारी किया है।
कंपनी इस नोटिस को स्वीकार करने के बजाय इसका विरोध करेगी। MPS Limited का कहना है कि यह डिमांड कुछ खास टैक्स ट्रांजेक्शन और बकाया क्रेडिटर बैलेंसेस को लेकर अलग-अलग व्याख्याओं के कारण आई है।
इस मुद्दे को सुलझाने के लिए, MPS Limited इनकम टैक्स डिपार्टमेंट में एक अपील (appeal) और एक रेक्टिफिकेशन एप्लीकेशन (rectification application) फाइल करेगी। कंपनी ने यह भी साफ किया है कि इस डिमांड का उसके फाइनेंशियल या ऑपरेशंस पर कोई खास या मटेरियल असर पड़ने की उम्मीद नहीं है।
यह पहली बार नहीं है जब MPS Limited को इस तरह के टैक्स नोटिस का सामना करना पड़ा हो। मार्च 2025 में, कंपनी ने AY 2024-25 के लिए ₹1.90 करोड़ की एक ऐसी ही डिमांड को चुनौती दी थी, जो फॉरेन टैक्स क्रेडिट (foreign tax credit) के डिसअलॉएंमेंट से जुड़ी थी। कंपनी का पिछला अनुभव ट्रांसफर प्राइसिंग एडजस्टमेंट्स (transfer pricing adjustments) और SEBI नोटिस से भी जुड़ा रहा है।
हालांकि, कंपनी ने उम्मीद जताई है कि उसका विरोध सफल रहेगा, लेकिन यदि अपीलें असफल साबित होती हैं, तो ₹9.11 करोड़ की यह डिमांड कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण वित्तीय बोझ बन सकती है। ऐसे किसी भी लंबे कानूनी मामले में कंपनी के संसाधनों पर भी दबाव आ सकता है। फिर भी, MPS Limited का मैनेजमेंट इस मुद्दे को जल्द से जल्द हल करने पर पूरा ध्यान दे रहा है।
निवेशक और बाजार विश्लेषक MPS Limited की अपील और रेक्टिफिकेशन एप्लीकेशन की प्रगति पर बारीकी से नजर रखेंगे। कंपनी के आगामी फाइनेंशियल नतीजे ही इस बात की पुष्टि करेंगे कि इस टैक्स असेसमेंट का कंपनी की वित्तीय सेहत पर वाकई कोई खास असर नहीं पड़ेगा।