Landmarc Leisure Corporation Limited ने हाल ही में हुए इस्तीफों के बाद अपने बोर्ड में बड़े फेरबदल किए हैं। कंपनी ने श्री विक्रांत राजू लाड को अपना नया चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) नियुक्त किया है, जिनकी नियुक्ति 30 मार्च, 2026 से लागू होगी। इसके अलावा, श्री अमित शिव हरि Jalan को भी सीक्रेटेरियल ऑडिटर (Secretarial Auditor) के तौर पर नियुक्त किया गया है। यह पद वित्तीय वर्ष 2025-26 की आगामी एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) तक खाली था।
ये नियुक्तियां ऐसे समय में हुई हैं जब कंपनी के पिछले CFO, श्री महादेवन रमननाथन कवासरी ने 21 मार्च, 2026 को पद छोड़ दिया था। इससे पहले, सीक्रेटेरियल ऑडिटर, DSM and Associates ने भी 27 फरवरी, 2026 को इस्तीफा दे दिया था।
नए CFO और सीक्रेटेरियल ऑडिटर के आने से Landmarc Leisure में वित्तीय निगरानी (Financial Oversight) और कॉर्पोरेट गवर्नेंस (Corporate Governance) पर फोकस फिर से बढ़ा है। यह कदम कंपनी के लिए बेहद महत्वपूर्ण है ताकि वित्तीय अनुशासन बना रहे, रेगुलेटरी नियमों का पालन हो सके और निवेशकों का भरोसा फिर से जीता जा सके, खासकर कंपनी के हालिया इतिहास को देखते हुए।
Landmarc Leisure पहले भी रेगुलेटरी जांच के दायरे में रही है। जनवरी 2023 में, सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) ने धोखाधड़ी वाले व्यापार अभ्यासों (fraudulent trade practices) के उल्लंघन के मामले में कंपनी पर जुर्माना लगाया था। SEBI ने इससे पहले कंपनी का फोरेंसिक ऑडिट (forensic audit) कराने का भी आदेश दिया था। कंपनी लगातार नेट लॉस (net losses) में चल रही है, दिसंबर 2025 की तिमाही में ₹0.19 करोड़ का नेट लॉस दर्ज किया गया था। नए CFO के सामने कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी (profitability) को सुधारने की एक बड़ी चुनौती होगी।
कुछ एनालिस्ट (analysts) Landmarc Leisure को औसत से कम क्वालिटी वाली कंपनी मानते हैं, और प्रमुख पदों पर हालिया फेरबदल संभावित अंदरूनी मुद्दों की ओर इशारा करते हैं, जिनसे नए नियुक्त अधिकारियों को प्रभावी ढंग से निपटना होगा। अब निवेशकों की नजरें श्री विक्रांत राजू लाड की वित्तीय संचालन (financial operations) को संभालने की क्षमता पर टिकी हैं। श्री अमित शिव हरि Jalan द्वारा किए जाने वाले सीक्रेटेरियल ऑडिट के नतीजों, गवर्नेंस में सुधार और वित्तीय मोर्चे पर कंपनी की वापसी की क्षमता जैसे अहम पहलुओं पर बारीकी से नजर रखी जाएगी। इन नियुक्तियों का स्टॉक परफॉर्मेंस और निवेशक सेंटीमेंट पर क्या असर पड़ता है, यह भी देखना महत्वपूर्ण होगा।