क्यों बंद हो रही है ट्रेडिंग विंडो?
इस कदम का मुख्य उद्देश्य 'इनसाइडर ट्रेडिंग' (Insider Trading) को रोकना है। कंपनी का कहना है कि जब तक Q4 FY26 और पूरे वित्तीय वर्ष 2026 के नतीजे सार्वजनिक नहीं हो जाते, तब तक कंपनी के अंदरूनी लोग और उनके रिश्तेदार कंपनी के शेयर खरीद या बेच नहीं सकेंगे। यह SEBI (Prohibition of Insider Trading) Regulations, 2015 के नियमों का पालन करने के लिए एक स्टैंडर्ड प्रक्रिया है।
इनसाइडर ट्रेडिंग पर SEBI की नजर
Jagran Prakashan, जो प्रिंट, रेडियो और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में एक जाना-माना नाम है, इस तरह की ट्रेडिंग विंडो क्लोजर की प्रक्रिया हमेशा अपने फाइनेंशियल रिजल्ट्स के आसपास अपनाती रही है। यह भी याद रखना अहम है कि अतीत में SEBI ने 2014 में इसी तरह के इनसाइडर ट्रेडिंग मामले में Jagran Prakashan के तत्कालीन कंपनी सेक्रेटरी और उनकी पत्नी पर ₹10.41 करोड़ के गैरकानूनी मुनाफे को जब्त करने का आदेश दिया था। यह घटना इनसाइडर ट्रेडिंग पर रेगुलेटरी जांच और नियमों के सख्त पालन की अहमियत को दर्शाती है।
निवेशकों की नजर किस पर?
यह मीडिया कंपनी एक कॉम्पिटिटिव मार्केट में काम करती है, जहाँ DB Corp Limited (Dainik Bhaskar) और HT Media Limited (Hindustan Times) जैसे प्रमुख प्लेयर भी मौजूद हैं। अब निवेशक कंपनी की ओर से बोर्ड मीटिंग की तारीख का इंतजार कर रहे होंगे, जिसमें Q4 और पूरे FY26 के फाइनेंशियल परफॉरमेंस पर मुहर लगेगी। बाजार की नजर नतीजों और मैनेजमेंट की भविष्य की गाइडेंस पर रहेगी।
