NCLT ने क्यों टाली EGM?
Jagran Prakashan Limited ने अपनी कंपनी पिटीशन (C.P. No. 64 of 2023 और C.P. No. 57 of 2025) से जुड़े मामलों में जानकारी दी है। 19 मार्च, 2026 को ऑर्डर पास किए गए थे, लेकिन अगली सुनवाई अब 16 अप्रैल, 2026 को दोपहर 2:30 बजे होगी।
इस मामले का सबसे अहम पहलू यह है कि बोर्ड में बदलाव को लेकर बुलाई गई EGM को NCLT ने फिलहाल रोक दिया है। यह साफ संकेत है कि कंपनी के अंदर प्रमोटर ग्रुप के बीच के झगड़ों का समाधान अब कानूनी प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।
दरअसल, कंपनी की होल्डिंग एंटिटी Jagran Media Network Investment Private Limited (JMNIPL) ने 12 फरवरी, 2026 को एक स्पेशल नोटिस जारी किया था। JMNIPL ने कंपनी के सात इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स और एक होल-टाइम डायरेक्टर को हटाने की मांग की थी, जिसका कारण उन्होंने अनुचित नियुक्तियों और बोर्ड के निर्देशों का पालन न करना बताया था। NCLT इलाहाबाद ने इन पिटीशन्स के संबंध में 19 मार्च, 2026 को तीन कंपनी एप्लीकेशन्स पर ऑर्डर रिजर्व कर लिए थे।
EGM के टलने का मतलब है कि Jagran Prakashan के बोर्ड में तुरंत कोई बड़ा फेरबदल नहीं होगा। इससे कंपनी की लीडरशिप स्ट्रक्चर और भविष्य की स्ट्रेटेजिक योजनाओं को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। शेयरहोल्डर्स अब NCLT के फैसलों का इंतजार कर रहे हैं।
बता दें कि Jagran Prakashan का रेगुलेटरी अटेंशन का इतिहास भी रहा है। साल 2015 में, SEBI ने कंपनी के कंपनी सेक्रेटरी और उनकी पत्नी द्वारा इनसाइडर ट्रेडिंग से कमाए गए कथित अवैध लाभ को जब्त करने का आदेश दिया था। Jagran Prakashan ने 2018 में SEBI के साथ सिक्योरिटीज रेगुलेशन के उल्लंघन से जुड़े मामलों को भी सेटल किया था।
इन कानूनी चुनौतियों के बीच, प्रमोटर डिस्प्यूट्स और NCLT की कार्यवाही से बनी अनिश्चितता निवेशकों के सेंटीमेंट को प्रभावित कर सकती है। 16 अप्रैल की सुनवाई का नतीजा बहुत महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि इससे कंपनी के गवर्नेंस या लीडरशिप स्ट्रक्चर में बड़े बदलाव आ सकते हैं, और स्ट्रेटेजिक पहलों में देरी हो सकती है।
अन्य बड़ी भारतीय मीडिया कंपनियों ने भी कानूनी पेचीदगियों का सामना किया है। Zee Entertainment Enterprises ने EGM और लोन डिफॉल्ट जैसे विवादों को सुलझाया है, जबकि HT Media ने ट्रेडमार्क केस और वित्तीय असहमति से निपटा है। DB Corp Limited के खिलाफ भी इंसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड के तहत पिटीशन्स फाइल की गई हैं।
निवेशक 16 अप्रैल, 2026 को होने वाली NCLT सुनवाई के नतीजे, ट्रिब्यूनल के किसी भी नए निर्देश और प्रमोटर ग्रुप डिस्प्यूट्स के समाधान से जुड़ी Jagran Prakashan की आगे की डिस्क्लोजर्स पर बारीकी से नजर रखेंगे।
