JOJO Ltd ने अपने शेयरधारकों को दो अहम फैसलों पर अपनी राय देने के लिए बुलाया है। कंपनी, जो पहले Toheal Pharmachem Limited के नाम से जानी जाती थी, अपने सब्सिडियरी Navkar Events Private Limited के मीडिया और एंटरटेनमेंट बिज़नेस को ₹1,00,000 में खरीदने का प्रस्ताव लेकर आई है।
यह डील 'मटेरियल रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन' (MRPT) के दायरे में आती है, जिसके लिए शेयरधारकों की मंज़ूरी ज़रूरी है। इसी के साथ, कंपनी इंडिपेंडेंट डायरेक्टर Mr. Dipankar Mahto को अगले 3 साल के लिए फिर से नियुक्त करने का प्रस्ताव भी रख रही है।
शेयरधारक 22 अप्रैल, 2026 से 22 मई, 2026 तक ई-वोटिंग के ज़रिए अपने मत दे सकते हैं। वोटिंग के नतीजे 25 मई, 2026 तक घोषित किए जाएंगे।
इस अधिग्रहण का मुख्य मकसद 'JOJO' प्लेटफॉर्म और उसके मीडिया बिज़नेस को एक लिस्टेड एंटिटी (listed entity) के तहत एक साथ लाना है। कंपनी का मानना है कि इससे पारदर्शिता (transparency) बढ़ेगी, ऑपरेशनल एफिशिएंसी (operational efficiency) सुधरेगी और मालिकाना हक, नियंत्रण व आर्थिक हित सीधे लिस्टेड कंपनी से जुड़ेंगे, जिससे मौजूदा स्ट्रक्चरल इनएफिशिएंसी (structural inefficiencies) कम होंगी।
Navkar Events Private Limited, जो 2014 में बनी थी और फिल्म व डिजिटल कंटेंट प्रोडक्शन का काम करती है, के फाइनेंशियल्स (financials) की बात करें तो फाइनेंशियल ईयर 2023 में इसके नेट प्रॉफिट (net profit) में 6562.61% की भारी गिरावट देखी गई थी, जबकि नेट वर्थ (net worth) में 302.44% की कमी आई थी। हालांकि, रेवेन्यू ग्रोथ (revenue growth) 281.82% रही थी।
SEBI के लिस्टिंग ऑब्लिगेशन्स एंड डिस्क्लोजर रिक्वायरमेंट्स (LODR) नियमों के तहत, MRPT जैसे सौदों पर संबंधित पक्ष (related parties) वोटिंग से दूर रहते हैं। ऐसे में, Mr. Dhruvin Shah जैसे संबंधित पक्षों को इस वोटिंग में हिस्सा नहीं लेना होगा। नियमों का पालन न करने पर वोट अमान्य हो सकता है।
JOJO Ltd का यह कदम इंडस्ट्री के मौजूदा ट्रेंड के अनुरूप है, जहां कंपनियां अपने कंटेंट ऑपरेशंस को मजबूत कर रही हैं। Sun TV Network, Zee Entertainment, Shemaroo Entertainment और Balaji Telefilms जैसी कंपनियां भी कंटेंट क्रिएशन (content creation) और डिस्ट्रीब्यूशन (distribution) में सक्रिय हैं।
अब देखना यह होगा कि शेयरधारक इन प्रस्तावों पर क्या फैसला लेते हैं और अधिग्रहण पूरा होने के बाद कंपनी के ऑपरेशनल स्ट्रक्चर (operational structure) में क्या बदलाव आते हैं।
