घाटे का बोझ इतना कि बंद करने पड़े मेट्रो रेडियो स्टेशन्स!
HT Media ने ऐलान किया है कि कंपनी अपने मेट्रो शहरों के FM Radio Licenses को सरेंडर करने जा रही है। कंपनी का कहना है कि यह बिजनेस अब वित्तीय (Financial) और रणनीतिक (Strategic) तौर पर टिकाऊ नहीं है। इस फैसले के पीछे का मुख्य कारण भारी नुकसान और नेट वर्थ (Net Worth) में लगातार गिरावट है।
दरअसल, फाइनेंशियल ईयर 2025 में इन मेट्रो Radio Stations ने कुल ₹29.19 करोड़ का टर्नओवर (Turnover) दिया था, जो कंपनी के कुल रेवेन्यू का सिर्फ 1.62% था। लेकिन, इस सेगमेंट में ₹172.08 करोड़ की नेट वर्थ का नुकसान हुआ, जो कंपनी की कुल नेट वर्थ का 10.33% है। यही वजह है कि बोर्ड ने Radio Nasha, Radio One और Radio Fever जैसे अपने लोकप्रिय ब्रांड्स के लाइसेंस सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (Ministry of Information and Broadcasting) को सरेंडर करने की मंजूरी दे दी है।
यह कदम HT Media के अपने Radio कारोबार से दूर जाने और प्रिंट (Print) व डिजिटल (Digital) मीडिया जैसे अधिक फायदेमंद कोर बिजनेस पर ध्यान केंद्रित करने की रणनीति का हिस्सा है। कंपनी का मानना है कि इससे ऑपरेटिंग लॉसेज (Operational Losses) कम होंगे और रिसोर्सेज (Resources) को बेहतर तरीके से री-एलोकेट (Re-allocate) किया जा सकेगा, जिससे कंपनी की बैलेंस शीट (Balance Sheet) को मजबूती मिलेगी।
गौरतलब है कि भारतीय Radio Broadcasting Sector इस वक्त काफी दबाव में है। डिजिटल ऑडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स से कड़ी प्रतिस्पर्धा और हाई ऑपरेशनल व स्पेक्ट्रम कॉस्ट (Spectrum Cost) के चलते कई FM प्लेयर्स के लिए मुनाफे में रहना मुश्किल हो गया है। DB Corp (MY FM) और Jagran Prakashan (Radio City) जैसी कंपनियाँ भी इसी तरह की चुनौतियों का सामना कर रही हैं और कॉस्ट ऑप्टिमाइजेशन (Cost Optimization) पर जोर दे रही हैं।