HMVL के लिए अपने डिजिटल वेंचर OTTplay को मुनाफेदार बनाना एक बड़ी चुनौती साबित हो रहा है। इसी को देखते हुए, कंपनी ने 31 मार्च 2026 से इस प्लेटफॉर्म पर नई सब्सक्रिप्शन (New Subscriptions) को रोकने का अहम फैसला लिया है। यह निर्णय प्लेटफॉर्म के फाइनेंशियल परफॉरमेंस और स्ट्रैटेजिक री-एलाइनमेंट की जरूरत को दर्शाता है।
क्या हैं आंकड़े?
कंपनी के लेटेस्ट अपडेट के मुताबिक, फाइनेंशियल ईयर 2025 में OTTplay का टर्नओवर ₹59.86 करोड़ रहा, जो HMVL के कुल रेवेन्यू का लगभग 8% है। हालांकि, प्लेटफॉर्म का नेट वर्थ ₹38.09 करोड़ निगेटिव में चला गया है। दूसरी ओर, Hindustan Media Ventures Limited की कुल कंसोलिडेटेड नेट वर्थ ₹1611.49 करोड़ पर खड़ी है।
क्यों लिया गया यह फैसला?
इस कदम से यह साफ है कि HMVL अब अपने रिसोर्सेज को उन एरियाज में लगाना चाहेगी जहाँ बेहतर रिटर्न मिल सके। यह उस तरह की एसेट्स (Assets) पर एक व्यावहारिक दृष्टिकोण है जो लंबे समय तक मुनाफे में नहीं आ पा रही हैं। यह उन कंपनियों के लिए एक संकेत भी है जो ट्रेडिशनल मीडिया से डिजिटल में कदम रख रही हैं, कि डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर (Direct-to-Consumer) मॉडल में मुनाफा कमाना कितना मुश्किल हो सकता है।
OTTplay की कहानी
HMVL, जो HT Media ग्रुप का हिस्सा है, ने 2021-2022 के आसपास OTTplay को लॉन्च किया था। इसे एक कंटेंट एग्रीगेटर (Content Aggregator) के तौर पर बनाया गया था, ताकि यूजर्स को एक ही जगह पर अलग-अलग OTT सर्विसेज के सब्सक्रिप्शन आसानी से मिल सकें। यह HMVL की डिजिटल स्पेस में ग्रोथ की रणनीति का हिस्सा था।
आगे क्या?
OTT स्पेस में भारी कॉम्पिटिशन है। Zee Entertainment Enterprises और Sun TV Network जैसे दिग्गज अपनी खुद की OTT प्लेटफॉर्म्स पर बड़ा दांव लगा रहे हैं। Jagran Prakashan और DB Corp जैसी कंपनियां भी अपने डिजिटल सर्विसेज को बढ़ा रही हैं, लेकिन कंटेंट की ऊंची लागत और सब्सक्राइबर के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा के चलते मुनाफा कमाना टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। OTTplay के लिए मुख्य जोखिम यह है कि अगर मौजूदा सब्सक्राइबर बेस में बड़ी गिरावट आती है, तो प्लेटफॉर्म की लंबी अवधि की व्यवहार्यता पर सवाल उठ सकते हैं।
आगे क्या देखना होगा?
आगे चलकर, निवेशकों की नजर HMVL की नई स्ट्रैटेजिक घोषणाओं पर रहेगी, खासकर डिजिटल मीडिया में उनके निवेश की दिशा पर। इसके अलावा, OTTplay के मौजूदा सब्सक्राइबर की लॉयल्टी और कंपनी के मुख्य बिजनेस सेगमेंट में ग्रोथ पर भी नजर रखी जाएगी।