GTPL Hathway के FY26 नतीजे: मिलाजुला असर
GTPL Hathway ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए अपने ऑडिटेड नतीजे पेश किए हैं। कंपनी ने कुल ₹3,719.22 करोड़ का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू दर्ज किया है। वहीं, कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹12.35 करोड़ रहा। इस दौरान, कंपनी के बोर्ड ने शेयरधारकों को ₹2 प्रति इक्विटी शेयर के डिविडेंड का ऐलान किया है।
DoT की ₹975 करोड़ की मांग बनी सिरदर्द
नुकसान की भरपाई और मुनाफे के बावजूद, कंपनी पर DoT (Department of Telecommunications) की ₹975.42 करोड़ की लाइसेंस फीस की मांग एक बड़ा खतरा बनी हुई है। कंपनी इस मांग को कानूनी तौर पर चुनौती दे रही है और उसके पास इसके बचाव के मजबूत आधार हैं। लेकिन, DoT द्वारा इस मामले को सुप्रीम कोर्ट तक ले जाने के बाद, इस मुकदमे का अंतिम नतीजा अभी भी अनिश्चित है। ध्यान देने वाली बात यह है कि DoT की कुल मांग ₹9,754 करोड़ से अधिक है।
इसके अलावा, कंपनी की सब्सिडियरी GTPL Broadband पर भी FY24-25 के लिए ₹357 करोड़ की अलग मांग का सामना करना पड़ रहा है।
ऑडिटर की राय और डायरेक्टर्स की नियुक्ति
कंपनी के ऑडिटर, Deloitte Haskins & Sells, ने नतीजों पर अपनी 'अनमोडिफाइड ओपिनियन' दी है, जिसका मतलब है कि वित्तीय विवरण सही ढंग से प्रस्तुत किए गए हैं। कंपनी ने श्री राजेंद्र द्वारकादास हिंगवाला को 13 जुलाई 2026 से शुरू होने वाले तीन साल के कार्यकाल के लिए इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के रूप में फिर से नियुक्त किया है, जिससे बोर्ड की निगरानी में निरंतरता बनी रहेगी।
पिछली साल की तुलना में
पिछले फाइनेंशियल ईयर 2024 में, GTPL Hathway ने ₹3,246 करोड़ का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू और ₹11.18 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया था, जो कि 10.4% की गिरावट थी। कंपनी के पास डिविडेंड देने का इतिहास रहा है, और FY24 और FY25 दोनों के लिए ₹4 प्रति शेयर का डिविडेंड घोषित किया गया था।
अन्य विवाद
DoT विवाद के अलावा, कंपनी ₹11.13 करोड़ की CGST मांग और कस्टम विभाग से ₹2.06 करोड़ के जुर्माने से भी निपट रही है।
आगे क्या देखना है?
निवेशक इन प्रमुख बातों पर बारीकी से नजर रखेंगे:
- DoT मुकदमे का हल और इसका वित्तीय प्रभाव।
- ₹2 प्रति शेयर डिविडेंड का भुगतान।
- डिजिटल केबल टीवी और ब्रॉडबैंड सेगमेंट में सब्सक्राइबर ग्रोथ।
- प्रॉफिट मार्जिन में सुधार के प्रयास।
- चल रहे कानूनी और टैक्स विवादों पर आगे के अपडेट।
FY26 के मुख्य आँकड़े:
- कंसोलिडेटेड रेवेन्यू: ₹3,719.22 करोड़
- कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट: ₹12.35 करोड़
- स्टैंडअलोन रेवेन्यू: ₹2,450.78 करोड़
- स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट: ₹5.88 करोड़
- कंटीजेंट लायबिलिटी (DoT): ₹975.42 करोड़