डिजिटल रेवेन्यू में बंपर ग्रोथ, पर मुनाफे पर सवाल
एंटरटेनमेंट नेटवर्क (इंडिया) लिमिटेड (ENIL) के Q4 FY26 के नतीजे मिले-जुले रहे। कंपनी के डिजिटल सेगमेंट ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 84.0% की ईयर-ओवर-ईयर ग्रोथ दर्ज की है, जो अब कंपनी के रेडियो बिजनेस का 48.4% तक पहुंच गया है। यह दिखाता है कि कंपनी का डिजिटल मीडिया की ओर रणनीतिक झुकाव सफल हो रहा है और यह बदलते कंज्यूमर ट्रेंड्स के साथ तालमेल बिठाने में कामयाब रही है।
फुल-ईयर लॉस और EBITDA में गिरावट
इस शानदार डिजिटल ग्रोथ के बावजूद, बॉटम लाइन पर असर साफ दिख रहा है। पूरे फाइनेंशियल ईयर FY26 के लिए, कंपनी ने ₹73.9 मिलियन का कंसोलिडेटेड नेट लॉस दर्ज किया है। वहीं, चौथी तिमाही (Q4 FY26) में कंसोलिडेटेड इनकम 10.2% घटकर ₹1,421.3 मिलियन रही। सबसे चिंताजनक बात यह है कि Q4 में कंसोलिडेटेड EBITDA 63.8% गिरकर सिर्फ ₹106.6 मिलियन रह गया, और प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) ₹82.7 मिलियन रहा। पूरे साल FY26 में कंसोलिडेटेड इनकम 3.9% बढ़कर ₹5,651.7 मिलियन हुई, लेकिन EBITDA 42.8% घटकर ₹449.6 मिलियन पर आ गया, जो एनुअल नेट लॉस का कारण बना।
डिविडेंड का प्रस्ताव
इन नतीजों के बीच, कंपनी के बोर्ड ने शेयरधारकों को ₹2 प्रति शेयर का डिविडेंड (Dividend) देने का प्रस्ताव रखा है, जो कुल मिलाकर ₹9.5 करोड़ होगा। इसे शेयरधारकों की मंजूरी मिलने के बाद आगामी एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में बांटा जाएगा।
इंडस्ट्री में चुनौतियां और आगे का रास्ता
ENIL जैसे मीडिया हाउस, जिनमें जागरण प्रकाश लिमिटेड (Jagran Prakashan Ltd), एचटी मीडिया (HT Media), और टीवी टुडे नेटवर्क लिमिटेड (TV Today Network Ltd) जैसी कंपनियां भी शामिल हैं, वे भी इसी तरह के बाजार की गतिशीलता से जूझ रही हैं। उन्हें अपने पुराने बिजनेस को नए मीडिया विस्तार के साथ संतुलित करना पड़ रहा है। ENIL को अपने रेडियो और डिजिटल दोनों सेगमेंट में कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है। एडवर्टाइजिंग खर्च में उतार-चढ़ाव, सरकारी नीतियों में बदलाव या डिजिटल रेगुलेशन, और कैपिटल जुटाने पर संभावित कानूनी प्रतिबंध जैसे जोखिम भी बने हुए हैं।
कंपनी की कैश पोजीशन
31 मार्च 2026 तक, कंपनी के पास ₹4.24 बिलियन की कंसोलिडेटेड कैश बैलेंस था। यह देखना अहम होगा कि क्या कंपनी अपने मजबूत डिजिटल ग्रोथ को लगातार मुनाफे में बदल पाती है।