Entertainment Network: घाटे में कंपनी, फिर भी शेयरधारकों को ₹2 का डिविडेंड! ₹111 करोड़ टैक्स विवाद जारी

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AuthorMehul Desai|Published at:
Entertainment Network: घाटे में कंपनी, फिर भी शेयरधारकों को ₹2 का डिविडेंड! ₹111 करोड़ टैक्स विवाद जारी
Overview

Entertainment Network (India) Ltd को फाइनेंशियल ईयर 2026 में **₹7.39 करोड़** का नेट लॉस (Net Loss) हुआ है, जबकि कंपनी का रेवेन्यू **₹544 करोड़** रहा। इसके बावजूद, कंपनी के बोर्ड ने शेयरधारकों को **₹2 प्रति शेयर** डिविडेंड (Dividend) देने का प्रस्ताव रखा है। यह तब है जब कंपनी **₹111 करोड़** के टैक्स डिमांड नोटिस से जूझ रही है और इसके खिलाफ अपील दायर कर चुकी है।

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नतीजों पर एक नज़र

एंटरटेनमेंट नेटवर्क (इंडिया) लिमिटेड के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 15 मई, 2026 को वित्तीय वर्ष 2026 के लिए ऑडिटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स (Audited Financial Results) को मंजूरी दी। कंपनी ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के लिए ₹7.39 करोड़ का कंसॉलिडेटेड नेट लॉस (Consolidated Net Loss) दर्ज किया। कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू ₹544.15 करोड़ रहा, जबकि कुल खर्चे ₹563.15 करोड़ रहे।

डिविडेंड का प्रस्ताव

कंपनी के बोर्ड ने शेयरधारकों की मंजूरी के अधीन, ₹2.00 प्रति शेयर के डिविडेंड की सिफारिश की है। यह डिविडेंड कुल ₹9.53 करोड़ होगा।

घाटे के बावजूद डिविडेंड क्यों?

वित्तीय नुकसान के बावजूद डिविडेंड का प्रस्ताव कंपनी के मैनेजमेंट का अपने बिजनेस पर भरोसा दिखाता है और शेयरधारकों के लिए एक राहत है। हालांकि, ₹111.32 करोड़ की भारी टैक्स डिमांड और चल रहे कानूनी मामले कंपनी के भविष्य के प्रॉफिट और कैश फ्लो के लिए बड़ा जोखिम पैदा कर सकते हैं।

इंडस्ट्री की चुनौतियां और कंपनी की स्थिति

एंटरटेनमेंट नेटवर्क (इंडिया) लिमिटेड 'रेडियो वन' (Radio One) ब्रांड के तहत मुंबई, दिल्ली और बैंगलोर जैसे प्रमुख शहरों में रेडियो स्टेशन चलाती है। यह HT Media ग्रुप का हिस्सा है। कंपनी पिछले कुछ सालों से प्रॉफिटेबिलिटी (Profitability) की चुनौतियों का सामना कर रही है, FY24 में इसका स्टैंडअलोन नेट लॉस ₹22.7 करोड़ था। भारतीय रेडियो इंडस्ट्री को डिजिटल मीडिया से कड़ी प्रतिस्पर्धा और आर्थिक बदलावों का भी सामना करना पड़ रहा है।

प्रमुख विकास और शेयरधारक आउटलुक

अगर शेयरधारक मंजूरी देते हैं, तो निवेशकों को ₹2 प्रति शेयर का डिविडेंड मिल सकता है, जो तुरंत रिटर्न प्रदान करेगा। कंपनी ₹111.32 करोड़ की इनकम टैक्स नोटिस के खिलाफ अपील कर रही है। चार FM रेडियो स्टेशन्स की बिक्री की प्रक्रिया भी चल रही है, जो अंतिम समझौतों और रेगुलेटरी अप्रूवल पर निर्भर करेगी। कंपनी Phonographic Performance Limited (PPL) से जुड़े म्यूजिक लाइसेंसिंग (Music Licensing) के मामलों में कानूनी कार्यवाही का भी सामना कर रही है।

जिन जोखिमों पर नज़र रखनी चाहिए

कंपनी के लिए सबसे बड़ा जोखिम ₹111.32 करोड़ की इनकम टैक्स डिमांड है, जिसके खिलाफ अपील जारी है। नए लेबर कोड्स (Labour Codes) से जुड़े संभावित अतिरिक्त खर्चे भी हैं, जिसके लिए FY26 में ₹9.70 लाख का प्रावधान किया गया है। मद्रास हाई कोर्ट (Madras High Court) के एक आदेश से संबंधित Phonographic Performance Limited (PPL) के मामले में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में भी एक केस चल रहा है।

आगे क्या देखना है?

निवेशक ₹111.32 करोड़ की इनकम टैक्स डिमांड के खिलाफ अपील के नतीजों पर बारीकी से नजर रखेंगे। चार FM रेडियो स्टेशन्स की प्रस्तावित बिक्री की प्रगति और PPL से जुड़े सुप्रीम कोर्ट केस का समाधान भी महत्वपूर्ण होगा। FY27 के लिए कंपनी के रेवेन्यू और खर्चों का प्रदर्शन, और डिविडेंड की अंतिम मंजूरी और भुगतान भी अहम संकेतक होंगे।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.