FY26 के नतीजे: प्रॉफिट में वापसी, पर एक बड़ी लागत
Digicontent Ltd के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 19 मई, 2026 को कंपनी के ऑडिटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स को मंजूरी दे दी है। कंपनी ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए ₹81 लाख (या ₹0.81 करोड़) का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) दर्ज किया है। यह पिछले कुछ समय से चल रहे घाटे के दौर से एक महत्वपूर्ण उलटफेर है। इसी अवधि में, कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹119.20 करोड़ तक पहुंचा। FY26 की चौथी तिमाही (Q4) ने भी कंपनी के नतीजों में सकारात्मक योगदान दिया, जिसमें ₹90 लाख का प्रॉफिट दर्ज किया गया।
हालांकि, यह तस्वीर का एक हिस्सा मात्र है। FY26 के लिए कंपनी के स्टैंडअलोन (Standalone) नतीजों में ₹1,018 लाख (या ₹10.18 करोड़) का घाटा दिखाया गया है। इसके साथ ही, कंपनी ने अपने फाइनेंसियल स्टेटमेंट में ₹1,446 लाख (या ₹14.46 करोड़) का एक बड़ा 'एक्सेप्शनल आइटम' (Exceptional Item) दर्ज किया है, जो मुख्य रूप से नए लेबर कोड्स (Labour Codes) के लागू होने से जुड़ा है।
मैनेजमेंट में बड़े बदलाव
फाइनेंशियल अपडेट के साथ-साथ, बोर्ड ने कुछ अहम नियुक्तियों को भी मंजूरी दी है। शुभम जैन को 1 जून, 2026 से नया कंपनी सेक्रेटरी (Company Secretary) और कंप्लायंस ऑफिसर (Compliance Officer) नियुक्त किया गया है, जो मनु चौधरी की जगह लेंगे। इसके अलावा, लॉयड मैथियास (Lloyd Mathias) को इंडिपेंडेंट डायरेक्टर (Independent Director) के तौर पर फिर से नियुक्त किया गया है, जिससे बोर्ड की निगरानी और मजबूत हुई है।
आगे क्या देखना होगा?
FY26 में कंसोलिडेटेड लेवल पर प्रॉफिट में आना Digicontent के लिए एक अहम पॉजिटिव कदम है, जो लगातार घाटे से बाहर निकलने का संकेत देता है। वहीं, लेबर कोड्स के चलते ₹14.46 करोड़ का यह बड़ा एक्सेप्शनल चार्ज भविष्य में लागतों पर असर डाल सकता है। निवेशकों की नज़रें इस बात पर रहेंगी कि कंपनी स्टैंडअलोन ऑपरेशन्स में घाटे को कैसे कंट्रोल करती है और लेबर कोड्स से जुड़े खर्चों का प्रबंधन कैसे करती है।