इंसॉल्वेंसी प्रक्रिया में अहम मोड़
कॉर्पोरेट इंसॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) जो 19 फरवरी, 2026 को शुरू हुआ था, अब आगे बढ़ रहा है। क्रेडिटर कमेटी की यह दूसरी बैठक 7 अप्रैल, 2026 को होनी है और अनुमान है कि यह पूरी प्रक्रिया 18 अगस्त, 2026 तक पूरी हो जाएगी।
एसेट की नीलामी और खरीदार पर फोकस
इस बैठक में मुख्य रूप से कंपनी की प्रॉपर्टी और एसेट्स को बेचने की रणनीति बनाई जाएगी। साथ ही, उन पार्टियों के लिए नियम तय किए जाएंगे जो कंपनी को खरीदने या उसका रेजोल्यूशन (Resolution) करने में दिलचस्पी रखती हैं। चल रहे कानूनी मामलों पर भी चर्चा होगी। M/s Ducturus Resolution Professionals Pvt Ltd रेजोल्यूशन प्रोफेशनल के तौर पर काम देख रही है। मार्च 2026 के CIRP खर्चे ₹38,639 रहे।
क्रेडिटर के लिए क्यों है खास?
यह बैठक क्रेडिटर कमेटी के लिए बेहद अहम है, क्योंकि उनके पास ही कंपनी के भविष्य की किसी भी योजना को मंजूरी देने का अधिकार है, चाहे वह कंपनी को फिर से चालू करना हो या उसकी प्रॉपर्टी बेचनी हो। FY 2005-06 से बंद पड़ी Telephone Cables Ltd के लिए समाधान खोजना बहुत ज़रूरी है। Omkara Assets Reconstruction Pvt Ltd, जिसके पास 87.82% वोटिंग शेयर हैं, क्रेडिटर कमेटी का एक बड़ा हिस्सा है।
कंपनी का लंबा निष्क्रिय अतीत
कभी इलेक्ट्रिक केबल बनाने वाली यह कंपनी लंबे समय से बंद है। सालों की वित्तीय तंगी और निष्क्रियता के कारण ही इसके CIRP की शुरुआत हुई।
रेजोल्यूशन में आने वाली मुश्किलें
इस रेजोल्यूशन में कई मुश्किलें हैं। FY 2005-06 से निष्क्रिय रहने के कारण वैल्यूएशन और रिवाइवल (Revival) में दिक्कतें आ रही हैं। लीजहोल्ड प्रॉपर्टी के टाइटल की पुष्टि में देरी हो रही है। इनकंप्लीट रिकॉर्ड्स के कारण एम्प्लॉइज प्रोविडेंट फंड ऑर्गनाइजेशन (EPFO) से जुड़े दावों के बहुत ज़्यादा होने की आशंका है। साथ ही, ₹82,78,025 की एक फिक्स्ड डिपॉजिट रसीद (FDR) को लेकर भी दिल्ली हाई कोर्ट में एक अर्जी चल रही है।
सक्रिय कंपनियों से तुलना
इसके विपरीत, इलेक्ट्रिकल केबल बनाने वाली दूसरी कंपनियां जैसे CMI Limited सक्रिय हैं। CMI Limited ने फाइनेंशियल ईयर 23 में ₹1,248 करोड़ का रेवेन्यू और ₹35 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया था, जो Telephone Cables Ltd की स्थिति से काफी अलग है।
आगे क्या होगा?
आगे क्या देखना होगा? 7 अप्रैल की बैठक में लिए जाने वाले फैसले, संभावित खरीदारों को आकर्षित करने और योग्य बनाने की प्रक्रिया, और FDR एसेट व प्रॉपर्टी टाइटल से जुड़े कानूनी मामलों में प्रगति पर नज़र रखनी होगी। EPFO के लंबित मुद्दों का समाधान भी महत्वपूर्ण होगा।
