Tayo Rolls Limited के पूर्व कंप्लायंस ऑफिसर ने स्टॉक एक्सचेंज को एक चौंकाने वाली जानकारी दी है। 6 मई 2026 को भेजे गए एक नोट में उन्होंने साफ कहा है कि कंपनी की जरूरी सरकारी फाइलिंग (statutory filings) पूरी नहीं की जा सकतीं। यह पूरा मामला JBVNL द्वारा IBC (Insolvency and Bankruptcy Code) प्रक्रिया के तहत 17 दिसंबर 2024 को Tayo Rolls के अधिग्रहण के बाद उत्पन्न हुए एक बड़े गतिरोध (deadlock) की वजह से अटका पड़ा है।
फाइलिंग क्यों रुकी?
कंपनी के पूर्व कंप्लायंस ऑफिसर ने स्टॉक एक्सचेंज को भेजी अपनी सूचना में बताया कि इस समय फाइलिंग का काम नामुमकिन हो गया है। यह गतिरोध अधिग्रहण के बाद के कामकाज (post-acquisition operational phase) में आया है। बताया गया है कि कंपनी के ऑफिशियल ईमेल आईडी और वेबसाइट जैसे संचार के सभी माध्यम (communication channels) काम नहीं कर रहे हैं। इससे कंप्लायंस ऑफिसर के लिए अपना काम करना और जानकारी साझा करना बेहद मुश्किल हो गया है।
यह मामला क्यों अहम है?
जब कोई कंपनी इंसॉल्वेंसी (insolvency) से गुजरती है और किसी रेजोल्यूशन प्लान (Resolution Plan) के जरिए उसका अधिग्रहण होता है, तो कंप्लायंस की जिम्मेदारियां आमतौर पर सफल अधिग्रहणकर्ता (Successful Resolution Applicant - SRA) पर आ जाती हैं। Tayo Rolls के मामले में, आरोप हैं कि SRA, यानी JBVNL, और रेजोल्यूशन प्रोफेशनल (Resolution Professional - RP) ने पूरी लगन से काम नहीं किया। इसकी वजह से कंप्लायंस में एक बड़ी खामी आ गई है। यह न केवल रेगुलेटरी निगरानी (regulatory oversight) और मार्केट ट्रांसपेरेंसी (market transparency) को प्रभावित करता है, बल्कि पूर्व कंप्लायंस ऑफिसर को भी एक मुश्किल स्थिति में डाल देता है, जहां वे समय-सीमा चूकने के लिए व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार ठहराए जा सकते हैं।
पृष्ठभूमि (Background)
Tayo Rolls Limited, जो कभी स्टील और अन्य उद्योगों के लिए रोल बनाने वाली एक प्रमुख कंपनी थी, गंभीर वित्तीय संकट (financial distress) से गुजर रही थी। इसी के चलते इंसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (IBC) के तहत इसके खिलाफ कार्यवाही शुरू हुई। झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (JBVNL) सफल अधिग्रहणकर्ता (SRA) बनी, और 17 दिसंबर 2024 को NCLT (National Company Law Tribunal) ने JBVNL की Tayo Rolls के लिए रेजोल्यूशन प्लान को मंजूरी दी थी। इस प्रक्रिया में मिस्टर अनीश अग्रवाल (Mr. Anish Agarwal) को Tayo Rolls के लिए रेजोल्यूशन प्रोफेशनल (RP) नियुक्त किया गया था। इससे पहले भी पूर्व कंप्लायंस ऑफिसर ने 30 मई 2025 को एक ऐसे ही गतिरोध को लेकर चिंता जताई थी।
अब क्या बदलाव?
- Tayo Rolls Ltd. की कई वैधानिक कंप्लायंस जिम्मेदारियां (statutory compliance obligations) अभी भी अधूरी हैं।
- पूर्व कंप्लायंस ऑफिसर ने खुद को इस नॉन-कंप्लायंस के लिए देनदारी (liability) से मुक्त करने का अनुरोध किया है।
- अगर यह गतिरोध लंबा खिंचता है, तो रेगुलेटरी जांच (regulatory scrutiny) और जुर्माने (penalties) का खतरा बढ़ सकता है।
- यह स्पष्ट है कि JBVNL प्रभावी रूप से Tayo Rolls का एकीकरण (integration) और परिचालन नियंत्रण (operational control) नहीं कर पा रहा है।
किन जोखिमों पर नजर रखें?
- कानूनी देनदारी (Legal Liability): पूर्व कंप्लायंस ऑफिसर और कंपनी के अन्य प्रमुख मैनेजरों पर तिमाही और सालाना वैधानिक कंप्लायंस की समय-सीमा चूकने के लिए कानूनी कार्रवाई और जुर्माने का खतरा मंडरा रहा है।
- डील डेडलॉक (Deal Deadlock): अधिग्रहणकर्ता (JBVNL) और रेजोल्यूशन प्रोफेशनल के बीच चल रहे विवाद रेजोल्यूशन प्रक्रिया को पूरी तरह से ठप कर रहे हैं। इस देरी से कंपनी के मामले आगे नहीं बढ़ पा रहे और उसके रिवाइवल (revival) में बाधा आ रही है।
आगे क्या देखें?
- कंप्लायंस ऑफिसर के छूट के अनुरोध पर स्टॉक एक्सचेंज या SEBI (Securities and Exchange Board of India) की ओर से किसी भी प्रतिक्रिया पर नजर रखें।
- JBVNL (SRA) और रेजोल्यूशन प्रोफेशनल, मिस्टर अनीश अग्रवाल के बीच चल रहे विवादों में आगे क्या होता है, इस पर गौर करें।
- Tayo Rolls Limited या JBVNL की ओर से कंपनी के ऑपरेशनल स्टेटस और भविष्य की राह को लेकर किसी भी आधिकारिक सूचना का इंतजार करें।
- रेजोल्यूशन प्लान के क्रियान्वयन (implementation) को लेकर NCLT या अन्य अदालतों से किसी संभावित कानूनी हस्तक्षेप (legal interventions) या स्पष्टीकरण पर ध्यान दें।
