कागज बनाने वाली कंपनी Star Paper Mills Ltd को टैक्स विभाग से एक बड़ा झटका लगा है। कंपनी को वित्तीय वर्ष 2015-16 के लिए ₹1.15 करोड़ का UPVAT (उत्तर प्रदेश वैट) टैक्स जमा करने का आदेश मिला है। यह आदेश सहारनपुर के डिप्टी कमिश्नर (Deputy Commissioner) की ओर से मार्च 2026 में जारी किया गया है, और यह एकतरफा (ex-parte) है, जिसका मतलब है कि कंपनी का पक्ष ठीक से नहीं सुना गया।
हालांकि, Star Paper Mills ने इस आदेश को तुरंत खारिज कर दिया है। कंपनी का कहना है कि वे इस ₹1.15 करोड़ की डिमांड से पूरी तरह असहमत हैं और इसके खिलाफ जल्द ही एक रिव्यू एप्लीकेशन (review application) फाइल करेंगे। मैनेजमेंट का यह भी मानना है कि इस टैक्स डिमांड का कंपनी के फाइनेंस (finance) या रोजमर्रा के कामकाज (operations) पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा।
यह कोई पहली बार नहीं है जब Star Paper Mills का टैक्स विभाग से कोई विवाद हुआ हो। 1938 में स्थापित यह पुरानी कंपनी पहले भी एक्साइज ड्यूटी (excise duty), इनकम टैक्स (income tax) और स्टेट VAT (state VAT) जैसे कई मुद्दों पर कानूनी लड़ाइयों से गुजर चुकी है।
भले ही कंपनी असर न होने का दावा कर रही हो, लेकिन ₹1.15 करोड़ का यह टैक्स डिमांड एक संभावित वित्तीय बोझ (financial burden) है। अगर रिव्यू एप्लीकेशन सफल नहीं होती है, तो कंपनी को यह रकम चुकानी पड़ सकती है। कंपनी पर पहले से ही ₹84.6 करोड़ की कंटीजेंट लायबिलिटीज (contingent liabilities) भी दर्ज हैं, जो भविष्य में देय हो सकती हैं।
बता दें कि कागज उद्योग में Star Paper Mills का मुकाबला JK Paper Ltd., West Coast Paper Mills Ltd., Andhra Paper Ltd. और Tamil Nadu Newsprint and Papers Limited (TNPL) जैसी दिग्गज कंपनियों से है।
अब देखना यह होगा कि कंपनी की रिव्यू एप्लीकेशन पर क्या फैसला आता है और इस टैक्स विवाद का क्या अंजाम होता है।
