NCLT के फैसले से गहराया संकट, अब NCLAT से उम्मीदें
नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) द्वारा 24 मार्च, 2025 को Setubandhan Infrastructure Limited का रेज़ोल्यूशन प्लान रिजेक्ट कर दिया गया है। यह प्लान कंपनी के क्रेडिटर्स की कमेटी (CoC) द्वारा स्वीकृत किया गया था। इस फैसले के बाद, कंपनी अब नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (NCLAT) में अपील कर चुकी है, जिसकी सुनवाई जारी है। कंपनी को 9 जुलाई, 2025 को NCLAT में अपनी अपील दायर की थी।
क्यों महत्वपूर्ण है NCLAT की अपील?
NCLT के फैसले ने कंपनी के लिए आगे का रास्ता मुश्किल बना दिया है। यह निर्णय दर्शाता है कि प्रस्तुत किया गया रेज़ोल्यूशन प्लान, जो लेनदारों (lenders) के लिए महत्वपूर्ण था, स्वीकार्य नहीं था। अब कंपनी की उम्मीदें NCLAT पर टिकी हैं। NCLAT का फैसला ही तय करेगा कि कंपनी को पुनर्जीवित (revival) करने का कोई रास्ता निकलेगा या फिर लिक्विडेशन (liquidation) की ओर बढ़ना होगा।
डायरेक्टर्स और कर्मचारियों के लिए क्लोज्ड ट्रेडिंग विंडो
इस बीच, कंपनी ने अपने डायरेक्टर्स और कर्मचारियों के लिए 1 अप्रैल, 2026 से 31 मार्च, 2026 को समाप्त होने वाले फाइनेंशियल ईयर के नतीजों को मंजूरी देने तक ट्रेडिंग विंडो (trading window) बंद कर दी है। यह कदम इनसाइडर ट्रेडिंग (insider trading) को रोकने के लिए उठाया गया है, जो वित्तीय संकट के दौर में एक सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन यह निवेशकों के बीच अनिश्चितता को और बढ़ाता है।
आगे क्या? - संकट या समाधान?
Setubandhan Infrastructure Limited 28 नवंबर, 2022 से इंसॉल्वेंसी प्रक्रिया से गुजर रही है। NCLT द्वारा प्लान रिजेक्ट होने के बाद, NCLAT में चल रही अपील ही कंपनी के भविष्य की कुंजी है। यदि NCLAT में भी कंपनी को राहत नहीं मिलती है, तो लिक्विडेशन का खतरा बढ़ जाएगा, जिससे स्टेकहोल्डर्स को बड़ा नुकसान हो सकता है। कंपनी का मुकाबला इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की अन्य बड़ी कंपनियों जैसे Dilip Buildcon Ltd और PNC Infratech Ltd से है, जो फिलहाल ग्रोथ और ऑपरेशन्स पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं, जबकि Setubandhan Infra के लिए अभी सबसे बड़ा लक्ष्य जीवित रहना है।