एडज्युडिकेटिंग अथॉरिटी का बड़ा फैसला
एडज्युडिकेटिंग अथॉरिटी ने Reliance Communications (RCOM) लिमिटेड, Campion Properties लिमिटेड (CPL), और Reliance Realty लिमिटेड (RRL) की प्रॉपर्टीज को अटैच करने के प्रोविजनल ऑर्डर को कन्फर्म कर दिया है। यह कंफर्मेशन ₹4,462.81 करोड़ की प्रॉपर्टीज पर लागू होता है।
यह कदम पहले जारी किए गए प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर्स (PAOs) के बाद आया है, जिनमें ₹2,162.74 करोड़ और ₹4,462.81 करोड़ की प्रॉपर्टीज शामिल थीं। RCOM ने साफ किया है कि इन एसेट्स का अटैचमेंट जारी रहने से कंपनी के ऑपरेशंस और फाइनेंशियल रिकवरी के प्रयासों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
इंसॉल्वेंसी प्रोसेस में कॉम्प्लिकेशन्स
यह डेवलपमेंट RCOM के कॉर्पोरेट इंसॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) में और ज्यादा कॉम्प्लिकेशन्स पैदा करता है। इंसॉल्वेंसी प्रोसीडिंग्स के दौरान इतने बड़े एसेट्स का सीज होना कंपनी की रीहैबिलिटेशन, डेट रिपेमेंट की योजनाओं और क्रेडिटर्स के लिए वैल्यू रिकवरी को गंभीर रूप से बाधित कर सकता है।
बैकग्राउंड: लोन फ्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग की जांच
Reliance Communications पिछले कई सालों से बड़े डेट और फाइनेंशियल चैलेंजेस से जूझ रही है, जिसके कारण 2019 में इंसॉल्वेंसी प्रोसीडिंग्स शुरू हुई थीं। एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) बैंक लोन फ्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जांच कर रहा है। ED ने पहले भी इन जांचों के तहत RCOM और संबंधित ग्रुप कंपनियों की हजारों करोड़ की प्रॉपर्टीज के प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर्स जारी किए थे।
एडज्युडिकेटिंग अथॉरिटी Prevention of Money Launding Act (PMLA) के मामलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, जहां वह ED के प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर्स की समीक्षा करती है और उन्हें कन्फर्म या रिवोक करती है।
आगे क्या?
RCOM और उसकी सब्सिडियरीज की स्पेसिफिक प्रॉपर्टीज अब औपचारिक रूप से अटैच हो गई हैं, जिससे उनका कंपनी के लिए तत्काल नियंत्रण या उपयोग मुश्किल हो जाएगा। फाइनेंशियल ईयर 2025 तक कंपनी का टोटल डेट $5.519 बिलियन (USD) रिपोर्ट किया गया था।