ट्रिब्यूनल का बड़ा फैसला
Himatsingka Seide Limited ने शेयर बाजार को बताया है कि इनकम टैक्स अपीलेट ट्रिब्यूनल ने उनके एक पुराने मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। ट्रिब्यूनल ने असेसमेंट ईयर 2008-09 से जुड़े ₹6.90 करोड़ के ट्रांसफर प्राइसिंग एडजस्टमेंट (Transfer Pricing Adjustments) को हटा दिया है। यह कंपनी के लिए एक बड़ी राहत है, क्योंकि इससे संभावित टैक्स देनदारी कम हो गई है।
आगे क्या?
हालांकि, यह मामला यहीं खत्म नहीं होता। हाई कोर्ट के एक फैसले के बाद, Himatsingka Seide Limited अब इस निर्णय के विरुद्ध सुप्रीम कोर्ट में अपील करने का इरादा रखती है। इस अपील का मतलब है कि यह कानूनी प्रक्रिया अभी जारी रहेगी और अंतिम नतीजे पर पहुंचने में अभी और समय लगेगा।
क्यों है यह अहम?
₹6.90 करोड़ के टैक्स एडजस्टमेंट का डिलीट होना कंपनी के लिए निश्चित रूप से एक सकारात्मक खबर है। यह कंपनी की टैक्स देनदारी को कम करता है। लेकिन, सुप्रीम कोर्ट में जाने की योजना के चलते, आगे लीगल खर्च और अनिश्चितता बनी रह सकती है।
कंपनी का मौजूदा हाल
Financal Year 2023 (FY23) में Himatsingka Seide का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹1,401 करोड़ रहा था, जबकि कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) ₹37.3 करोड़ दर्ज किया गया था। हाल ही में, Q3 FY24 में कंपनी का स्टैंडअलोन रेवेन्यू ₹305.6 करोड़ रहा, जिस पर ₹9.5 करोड़ का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स था।
तुलनात्मक परिदृश्य (Peer Comparison)
₹6.90 करोड़ का यह टैक्स एडजस्टमेंट कंपनी के पैमाने के हिसाब से महत्वपूर्ण है। अगर हम इसी सेक्टर की अन्य बड़ी कंपनियों से तुलना करें, तो FY23 में Welspun India Ltd का रेवेन्यू लगभग ₹8,465 करोड़, Trident Ltd का ₹6,578 करोड़ और Raymond Ltd का ₹8,240 करोड़ था।
