जांच का दायरा और कारण
यह नोटिस 30 मार्च 2026 को जारी किया गया है, जिसमें कंपनी को 28 अप्रैल 2026 तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया गया है। डायरेक्टरेट जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलिजेंस (DGGI) से प्राप्त जानकारी के आधार पर यह जांच शुरू की गई है, जो जनवरी से मार्च 2021 के बीच कंपनी के गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) के कंप्लायंस से संबंधित है।
आयकर विभाग इस नोटिस के माध्यम से यह सुनिश्चित करना चाहता है कि AY 2021-22 के लिए कोई भी कर योग्य आय (taxable income) ठीक से असेस्स (assess) हुई है या नहीं। DGGI से मिली जानकारी में GST कंप्लायंस में संभावित अनियमितताओं का संकेत हो सकता है, जिसमें जमा किए गए GST के भुगतान में देरी या इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) से संबंधित मुद्दे शामिल हो सकते हैं।
पिछला रिकॉर्ड और कंपनी की स्थिति
Harish Textile Engineers, जो टेक्सटाइल प्रोसेसिंग मशीनरी बनाती है, का टैक्स अथॉरिटीज के साथ पहले भी सामना होता रहा है। कंपनी हाल के वर्षों में अपने GST रिटर्न्स और कथित तौर पर अतिरिक्त इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के दावों को लेकर GST की जांच के दायरे में रही है। साथ ही, कंपनी इनकम टैक्स अपीलेट ट्रिब्यूनल (ITAT) के कुछ मामलों में भी शामिल रही है।
फिलहाल, कंपनी अपने टैक्स सलाहकारों की मदद से इस नोटिस का विस्तृत जवाब तैयार कर रही है। यदि विभाग को इस जांच में कोई विसंगतियां मिलती हैं, तो यह पिछली कर देनदारियों (tax liabilities) का पुनर्मूल्यांकन (reassessment) कर सकता है, जिसका वित्तीय प्रभाव कंपनी पर पड़ सकता है।
वित्तीय आंकड़े
हालिया वित्तीय आंकड़ों के अनुसार, Harish Textile Engineers ने फाइनेंशियल ईयर 2024 (FY24) में ₹132.59 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया था। हालांकि, FY24 में कंपनी के प्रॉफिट ग्रोथ में -766.99% की भारी गिरावट आई थी।
