NCLT के आदेश से इंसॉल्वेंसी में नया मोड़
नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने 13 मार्च, 2026 को यह फैसला सुनाया है। ट्रिब्यूनल ने साफ किया कि SRA, Educomp Solutions Limited के लिए Approved Resolution Plan को लागू करने में सफल नहीं हुआ। इसके चलते, NCLT ने Insolvency and Bankruptcy Board of India (IBBI) को निर्देश दिया है और Committee of Creditors (CoC) से कहा है कि वे 100 दिनों के भीतर एक नया Resolution Plan प्रोसेस शुरू करें।
SRA पर लटकी तलवार
यह स्थिति SRA के लिए बड़ी मुश्किल खड़ी कर सकती है। Insolvency and Bankruptcy Code (IBC) के Section 74(3) के तहत, SRA पर ₹1 करोड़ तक का भारी जुर्माना लगाया जा सकता है, और जेल की सज़ा का प्रावधान भी है। इस फैसले से कंपनी की रिवाइवल (revival) की कोशिशों को बड़ा झटका लगा है। अब एक बार फिर से इस जटिल और लंबी इंसॉल्वेंसी प्रक्रिया को शुरू करना होगा, जिससे निवेशकों और क्रेडिटर्स के बीच कंपनी के भविष्य और पैसे की रिकवरी को लेकर नई अनिश्चितता छा गई है।
कंपनी की वित्तीय लड़ाई
Educomp Solutions Limited, जो कभी भारत के Ed-tech सेक्टर का एक बड़ा नाम था, सालों से गंभीर वित्तीय मुश्किलों का सामना कर रहा है। कंपनी Corporate Insolvency Resolution Proceedings (CIRP) के तहत है। NCLT द्वारा पहले एक Resolution Plan को मंजूरी दी गई थी, जिसे कंपनी के रिवाइवल की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा था। लेकिन, NCLT के ताज़ा आदेश से यह साफ हो गया है कि यह प्लान लागू नहीं हो सका, और कंपनी को अब एक नए Resolution Cycle में प्रवेश करना पड़ा है।
आगे क्या होगा?
- अब CoC को नए Resolution Applicant की तलाश करनी होगी।
- नए बिड्स (bids) मंगाने के लिए 100 दिनों की अवधि शुरू हो गई है।
- SRA को अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा न करने के लिए कानूनी और वित्तीय नतीजों का सामना करना पड़ सकता है।
- शेयरधारकों और क्रेडिटर्स को पूरी तरह से नए Resolution Plan के नतीजों का इंतजार करना होगा।
संभावित जोखिम
- SRA पर ₹1 करोड़ तक के जुर्माने और संभावित कारावास का जोखिम है।
- इस देरी और प्रक्रिया के दोबारा शुरू होने से कंपनी का वैल्यू और कम हो सकता है, जिससे क्रेडिटर्स की रिकवरी पर असर पड़ सकता है।
- यह भी एक रिस्क है कि नए Resolution Process में भी दिक्कतें आ सकती हैं या योग्य आवेदक नहीं मिल सकते।
क्रेडिटर्स का मूड
यह ध्यान देने योग्य है कि कर्जदाताओं (lenders) की वोटिंग में 63% सदस्यों ने एक नए इंसॉल्वेंसी प्रोसेस की शुरुआत का समर्थन किया था।
