NCLAT ने Aban Offshore लिमिटेड के Insolvency केस की सुनवाई को 2 जून 2026 तक के लिए टाल दिया है। कंपनी फिलहाल Corporate Insolvency Resolution Process (CIRP) से गुजर रही है।
NCLAT द्वारा जारी अंतरिम आदेश (Interim Order) अगली सुनवाई तक प्रभावी रहेगा, जो कंपनी के लिए फिलहाल कोई बदलाव नहीं लाता। National Company Law Tribunal (NCLT) ने 1 सितंबर 2025 को Punjab National Bank की याचिका पर कंपनी को CIRP में स्वीकार किया था।
इस देरी से Aban Offshore, उसके लेनदारों (Creditors) और संभावित निवेशकों के लिए अनिश्चितता का दौर और लंबा खिंच गया है। अंतरिम आदेश के जारी रहने का मतलब है कि कंपनी की ऑपरेशनल या फाइनेंशियल स्थिति में तत्काल कोई बदलाव नहीं होगा, जब तक कि समाधान (Resolution) नहीं हो जाता। यह देरी दिखाती है कि Insolvency के मामले कितने जटिल और लंबे हो सकते हैं।
Aban Offshore, जो Offshore Drilling सेवाएं प्रदान करती है, पिछले कई सालों से गंभीर वित्तीय समस्याओं से जूझ रही है। NCLT ने 1 सितंबर 2025 को Punjab National Bank द्वारा Default के मामले में की गई याचिका पर इसे CIRP में डाला था। प्रमुख बैंकों, जिनमें Punjab National Bank भी शामिल है, ने One-Time Settlement (OTS) के प्रस्तावों को ठुकरा दिया था। कंपनी ने अगस्त 2022 में Central Bank of India के साथ ₹121.78 करोड़ के OTS के जरिए एक Insolvency केस सुलझाया था।
शेयरधारकों के लिए, इस खबर का मतलब है कि कंपनी की वित्तीय समस्याओं के अंतिम समाधान को लेकर अनिश्चितता बनी रहेगी। अभी कोई तत्काल समाधान योजना (Resolution Plan) या मालिकाना हक (Ownership Structure) में बदलाव नहीं है। CIRP के तहत, कंपनी का मैनेजमेंट और बोर्ड एक Resolution Professional की देखरेख में काम कर रहा है।
मुख्य जोखिम Corporate Insolvency Resolution Process (CIRP) के लंबे और अनिश्चित नतीजे का है। कंपनी पर 2014 में जारी ₹281 करोड़ के Non-Convertible Redeemable Preference (NCRP) Shares का बकाया है, जो CIRP से पहले की एक बड़ी देनदारी है। ऑडिटर (Auditors) पहले भी कंपनी की परिचालन क्षमता पर सवाल उठा चुके हैं। 2017 में, Aban Offshore की सिंगापुर सब्सिडियरी को अमेरिकी OFAC द्वारा ईरानी प्रतिबंधों के उल्लंघन पर जुर्माना लगाया गया था।
Aban Offshore Offshore Drilling सेक्टर में Dolphin Offshore Enterprise (India) Ltd. और Jindal Drilling & Industries Ltd. जैसी कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धा करती है। हालांकि, Aban की स्थिति उसकी मौजूदा Insolvency प्रक्रिया के कारण बहुत अलग है। Jindal Drilling & Industries Ltd. जैसी कंपनियां वित्तीय रूप से मजबूत दिखती हैं। Great Eastern Shipping Co. Ltd. भी एनर्जी सेक्टर में एक बड़ी कंपनी है, लेकिन उसकी वित्तीय प्रोफाइल Aban Offshore से बेहतर है।
2 अप्रैल 2026 तक, ₹281 करोड़ के Non-Convertible Redeemable Preference (NCRP) Shares जारी किए गए थे, जो अभी भी अनरिडीम्ड (unredeemed) हैं।
2 जून 2026 को होने वाली NCLAT सुनवाई Insolvency Resolution में अगले घटनाक्रमों के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ होगी। Creditors' Committee (CoC) के सामने पेश की गई किसी भी समाधान योजना पर प्रगति अहम होगी।