शेयरहोल्डर्स की मुहर का इंतजार
Star Health and Allied Insurance Company Ltd ने शेयरहोल्डर्स से कुछ महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मंजूरी हासिल करने के लिए पोस्टल बैलेट प्रक्रिया शुरू कर दी है। कंपनी सदस्यों से मिस्टर सुमीर चड्ढा को सेफक्रॉप इन्वेस्टमेंट्स इंडिया एलएलपी (Safecrop Investments India LLP) के नॉमिनी डायरेक्टर के तौर पर जारी रखने के लिए वोट करने को कह रही है।
इसके अलावा, शेयरहोल्डर्स प्रमोटर एंटिटीज Ebono Private Limited और GS E-commerce Private Limited को 'प्रमोटर ग्रुप' से 'पब्लिक' कैटेगरी में री-क्लासिफाई करने के प्रस्ताव पर भी वोटिंग करेंगे। इस बैलेट में सीनियर मैनेजमेंट, जिसमें MD & CEO भी शामिल हैं, और इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स के लिए रिवाइज्ड रेमुनरेशन (वेतन) पैकेजों का भी प्रस्ताव है।
ई-वोटिंग की अवधि 18 मई से 16 जून 2026 तक चलेगी, और नतीजों की घोषणा 18 जून 2026 तक होने की उम्मीद है।
ये प्रस्ताव क्यों हैं अहम?
ये सभी प्रस्ताव Star Health के कॉर्पोरेट गवर्नेंस ढांचे के लिए काफी मायने रखते हैं। प्रमोटर एंटिटीज को री-क्लासिफाई करने से कंपनी की ओनरशिप संरचना और बोर्ड की गतिशीलता में बदलाव आ सकता है। वहीं, स्वीकृत रेमुनरेशन बढ़ोतरी सीधे तौर पर पेरोल खर्चों को बढ़ाएगी, जिससे कंपनी के बॉटम लाइन (लाभ) पर असर पड़ सकता है। शेयरहोल्डर की मंजूरी यह सुनिश्चित करती है कि कंपनी रेगुलेटरी आवश्यकताओं का पालन करे और मैनेजमेंट के फैसलों में निवेशकों का भरोसा बना रहे।
खास रेमुनरेशन डिटेल्स
प्रस्तावित सालाना फिक्स्ड रेमुनरेशन MD & CEO मिस्टर आनंद रॉय के लिए ₹7.08 करोड़ है, जिसमें ₹6.37 करोड़ का वेरिएबल पे (FY27 के लिए) शामिल है। मिस्टर राजीव खेर के लिए सालाना रेमुनरेशन ₹40.00 लाख (FY27) प्रस्तावित है। हर नॉन-एग्जीक्यूटिव इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के लिए सालाना ₹30.00 लाख (FY27) का प्रस्ताव है। सभी नॉन-एग्जीक्यूटिव इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स के लिए कुल रेमुनरेशन कंपनी के सालाना नेट प्रॉफिट का 1% तक सीमित रहेगा।
आगे क्या उम्मीद करें?
सभी प्रस्तावों पर शेयरहोल्डर्स की वोटिंग का नतीजा। पोस्टल बैलेट के नतीजों की घोषणा, जो 18 जून 2026 तक होने की उम्मीद है। रेमुनरेशन हाइक्स के लिए किसी भी रेगुलेटरी फीडबैक या अतिरिक्त अप्रूवल की जरूरत। नए रेमुनरेशन स्ट्रक्चर और प्रमोटर क्लासिफिकेशन में किसी भी बदलाव पर मार्केट की प्रतिक्रिया। उच्च पेरोल लागत को ध्यान में रखते हुए कंपनी के आने वाली तिमाहियों के ऑपरेशनल परफॉरमेंस पर नजर रखी जाएगी।
