अंडरराइटिंग में बड़ा सुधार, ₹206 करोड़ का प्रॉफिट
Star Health ने FY26 के लिए ₹206 करोड़ का अंडरराइटिंग प्रॉफिट दर्ज किया है, जो FY25 में ₹165 करोड़ के घाटे से एक बड़ी वापसी है। इस सुधार ने पूरे साल के नेट प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) को 16% बढ़ाकर ₹911 करोड़ कर दिया है। 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर में, कंपनी की परफॉरमेंस में सुधार दिखा है।
फुल ईयर फाइनेंशियल हाइलाइट्स
FY26 के लिए ग्रॉस रिटन प्रीमियम (GWP) 16% बढ़कर ₹20,369 करोड़ रहा। जहां अंडरराइटिंग परफॉर्मेंस में ₹165 करोड़ के घाटे से ₹206 करोड़ का प्रॉफिट आया, वहीं फुल ईयर PAT 16% बढ़कर ₹911 करोड़ हुआ। इसके अलावा, 8% इन्वेस्टमेंट यील्ड को समायोजित करने के बाद, नॉर्मलाइज्ड PAT में 45% का जोरदार उछाल आकर ₹1,222 करोड़ हो गया।
हालांकि, चौथे क्वार्टर (Q4 FY26) में ₹558 करोड़ के मार्केट-टू-मार्केट इन्वेस्टमेंट लॉस के कारण ₹55 करोड़ का नेट लॉस दर्ज किया गया। यह लॉस इक्विटी मार्केट में आई गिरावट की वजह से हुआ।
कंपनी की स्ट्रैटेजी और मार्केट पोजीशन
यह नतीजे Star Health के लिए एक सफल स्ट्रैटेजिक बदलाव का संकेत देते हैं, जिसमें अनुशासित अंडरराइटिंग और ऑपरेशनल एफिशिएंसी पर जोर दिया गया है। अंडरराइटिंग में मुनाफे में वापसी कंपनी के लॉन्ग-टर्म फाइनेंशियल हेल्थ और कॉम्पिटिटिव हेल्थ इंश्योरेंस मार्केट में सस्टेनेबल ग्रोथ के लिए बेहद अहम है। कंपनी ने नए कस्टमर्स को आकर्षित करने पर भी फोकस किया है, जिसमें 93% नया प्रीमियम उन ग्राहकों से आया है जो पहली बार इंश्योरेंस ले रहे हैं।
पिछला सफर और चुनौतियां
Star Health भारत की सबसे बड़ी स्टैंडअलोन हेल्थ इंश्योरर है और रिटेल हेल्थ सेगमेंट में लंबे समय से लीडर रही है। FY24 में, कंपनी ने ₹845 करोड़ का PAT और ₹15,254 करोड़ का GWP रिपोर्ट किया था, जिसमें रिटेल हेल्थ मार्केट शेयर 33% था। कंपनी ने कई बड़ी चुनौतियों का सामना किया है, जिनमें अगस्त 2024 में हुआ एक बड़ा डेटा ब्रीच शामिल है, जिससे 31 मिलियन से ज्यादा कस्टमर्स का पर्सनल डेटा लीक हुआ था। इसके चलते कंपनी पर ₹3.39 करोड़ का जुर्माना भी लगा था। इसके अलावा, IRDAI ने क्लेम सेटलमेंट प्रैक्टिसेज में गंभीर खामियां भी पाई थीं।
आगे क्या?
शेयरहोल्डर्स क्वालिटी ग्रोथ और बेहतर प्रॉफिटेबिलिटी मेट्रिक्स पर कंपनी के फोकस को जारी रखने की उम्मीद कर सकते हैं। कंपनी डिजिटल चैनल्स के जरिए कस्टमर एक्सपीरियंस को बेहतर बनाने और रिस्क-फर्स्ट अप्रोच अपनाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। टेक्नोलॉजी में 95% नया प्रीमियम डिजिटल तरीके से कलेक्ट किया जा रहा है, जिससे प्रोडक्टिविटी बढ़ने और सर्विस आउटकम में सुधार की उम्मीद है।
मुख्य जोखिम और विचार
Q4 FY26 में हुआ बड़ा मार्केट-टू-मार्केट लॉस इक्विटी मार्केट की वोलैटिलिटी का असर दिखाता है। बाहरी फैक्टर्स जैसे सीजनल क्लेम्स और इकोनॉमिक साइकल्स चुनौतियां पेश कर सकते हैं, हालांकि इनसे निपटने के लिए स्ट्रेटजीज मौजूद हैं। डेटा ब्रीच और क्लेम सेटलमेंट से जुड़ी पिछली समस्याएं, अगर ठीक से मैनेज नहीं की गईं, तो विश्वास को प्रभावित कर सकती हैं।
मार्केट लैंडस्केप और पीयर कंपेरिजन
Star Health FY24 तक रिटेल हेल्थ सेगमेंट में 33% मार्केट शेयर के साथ लीड कर रही है। निवा बुपा (Niva Bupa) और केयर हेल्थ इंश्योरेंस (Care Health Insurance) जैसे अन्य प्रमुख खिलाड़ी भी इस सेक्टर में एक्टिव हैं। हालांकि, Star Health का स्पेशलाइज्ड फोकस इसे हेल्थ इंश्योरेंस मार्केट में एक मजबूत पोजिशन देता है।
परफॉरमेंस मेट्रिक्स (FY26 Standalone)
FY26 के लिए प्रमुख परफॉरमेंस इंडिकेटर्स में रिटेल हेल्थ मार्केट शेयर 31.3%, रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) 13.1%, और ग्रॉस रिटन प्रीमियम (GWP) ग्रोथ 16% शामिल हैं। Q4 FY26 के लिए, कंबाइंड रेशियो 95.7% और लॉस रेशियो 65.2% था।
