Niva Bupa Health Insurance के सदस्यों ने कंपनी के भविष्य के लिए दो अहम फैसलों पर अपनी मुहर लगा दी है। पोस्टल बैलेट के ज़रिए हुए मतदान में, Roger William John Davis को नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर (Non-Executive Director) के पद पर नियुक्त करने के प्रस्ताव को 1,56,61,13,077 (एक अरब छप्पन करोड़ इकसठ लाख तेरह हज़ार सतहत्तर) वैध वोटों में से 99.99% से ज़्यादा वोट मिले।
इसी तरह, MD & CEO Krishnan Ramachandran के रेमुनरेशन (Remuneration) यानी वेतन पैकेज में संशोधन के प्रस्ताव को भी 1,56,61,12,697 (एक अरब छप्पन करोड़ इकसठ लाख बारह हज़ार छह सौ सत्तानवे) वैध वोटों में से 99.99% से अधिक सदस्यों का समर्थन हासिल हुआ।
इस भारी बहुमत से पास हुए प्रस्तावों से कंपनी के लीडरशिप और गवर्नेंस (Governance) स्ट्रक्चर में सदस्यों का मजबूत भरोसा झलकता है। यह फैसला Niva Bupa की स्ट्रैटेजिक दिशा और एग्जीक्यूटिव पे (Executive Pay) पॉलिसीज़ के लिए ज़बरदस्त समर्थन दिखाता है।
यह ध्यान देने वाली बात है कि Niva Bupa Health Insurance, जिसे पहले Max Bupa Health Insurance के नाम से जाना जाता था, ने जनवरी 2022 में अपना नाम बदलकर Niva Bupa किया था। हाल ही में, जनवरी 2024 में, कंपनी ने प्राइवेट इक्विटी फर्म B C Partners से ₹425 करोड़ का फंड जुटाया था, जो इसके आगे के विकास के लिए बड़ा सहारा है।
इन फैसलों के बाद, Roger William John Davis अब आधिकारिक तौर पर Niva Bupa के बोर्ड में नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के तौर पर शामिल होंगे। वहीं, Krishnan Ramachandran का फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए वेतन पैकेज स्वीकृत शर्तों के अनुसार रिवाइज कर दिया गया है। इससे कंपनी के बोर्ड कंपोजीशन और एग्जीक्यूटिव कंपनसेशन फ्रेमवर्क में अपडेट आया है।
पिछले दो सालों में Niva Bupa से जुड़े किसी बड़े गवर्नेंस रिस्क या नकारात्मक घटना की कोई रिपोर्ट सामने नहीं आई है। जबकि Niva Bupa एक प्राइवेट कंपनी है, भारतीय बीमा बाज़ार में इसके प्रतिस्पर्धी Star Health and Allied Insurance Company Ltd और ICICI Lombard General Insurance Company Ltd जैसी पब्लिकली लिस्टेड कंपनियां हैं। इन कंपनियों के गवर्नेंस प्रैक्टिस पर भी बाज़ार की कड़ी नज़र रहती है।
आगे चलकर, निवेशक नए नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर Roger William John Davis के योगदान और रणनीतिक प्रभाव पर बारीकी से नज़र रखेंगे। साथ ही, रिवाइज्ड एग्जीक्यूटिव कंपनसेशन स्ट्रक्चर के तहत FY25-26 में कंपनी के बिज़नेस परफॉर्मेंस को भी ट्रैक किया जाएगा।