दमदार वित्तीय प्रदर्शन
कंपनी के प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (Profit After Tax - PAT) ने FY26 में ₹366 करोड़ का आंकड़ा छुआ, जो पिछले साल के मुकाबले 80% का उछाल दर्शाता है। इस शानदार परफॉरमेंस का बड़ा श्रेय कंपनी के ग्रॉस रिटन प्रीमियम (GWP) को जाता है, जो 27% बढ़कर ₹8,586 करोड़ पर पहुँच गया।
ऑपरेशनल मोर्चे पर भी कामयाबी
सिर्फ वित्तीय आंकड़ों में ही नहीं, बल्कि ऑपरेशनल मोर्चे पर भी Niva Bupa ने दम दिखाया है। कंपनी का मार्केट शेयर बढ़कर 10.1% हो गया है, जो कि बाजार में उसकी मजबूत पकड़ को दिखाता है। क्लेम सेटलमेंट रेश्यो (Claim Settlement Ratio) में भी सुधार हुआ है और यह 94.4% पर पहुँच गया है। वहीं, कंबाइंड इंश्योरेंस सर्विस रेश्यो (Combined Insurance Service Ratio - CISR) FY26 में 160 बेसिस पॉइंट्स सुधरकर 101.4% पर आया है, जो पिछले साल के 103.0% से बेहतर है।
कंपनी का विकास और इंडस्ट्री में तुलना
गौरतलब है कि Niva Bupa Health Insurance, जो पहले Max Bupa Health Insurance के नाम से जानी जाती थी, 2023 की शुरुआत में Fettle Tone LLP द्वारा 60% हिस्सेदारी खरीदे जाने के बाद से एक नए सफर पर है। इंडस्ट्री में, Niva Bupa का 27% का GWP ग्रोथ Star Health ( 15.1%), ICICI Lombard ( ₹5,275 करोड़ का हेल्थ प्रीमियम) और HDFC ERGO जैसी कंपनियों की तुलना में काफी प्रभावशाली है।
आगे क्या देखें?
हालांकि 101.4% का CISR बताता है कि क्लेम्स और ऑपरेशनल खर्चे कमाई से थोड़े ज्यादा रहे, जिस पर कंपनी को ध्यान देना होगा। हेल्थ इंश्योरेंस सेक्टर को लगातार बढ़ती हेल्थ कॉस्ट और ज़बरदस्त प्रतिस्पर्धा जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, साथ ही IRDAI जैसे नियामकों से संभावित बदलावों पर भी नज़र रखनी होगी।
