मुनाफे में आया बंपर उछाल
New India Assurance Company Ltd. ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के लिए अपने शानदार वित्तीय नतीजे पेश किए हैं। चौथी तिमाही में कंपनी का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 61% बढ़ गया। इस जोरदार प्रदर्शन की बदौलत पूरे वित्तीय वर्ष (FY26) का PAT 40% की बड़ी छलांग लगाने में कामयाब रहा। यह पिछले दो साल से लगातार गिरते मुनाफे के बाद एक मजबूत वापसी का संकेत है। कंपनी का ग्रॉस रिटन प्रीमियम (GWP) भी पूरे साल में 8.2% बढ़ा, जिससे बाजार हिस्सेदारी 12.56% से बढ़कर 12.74% हो गई।
शेयरधारकों को मिलेगा ₹1.50 का डिविडेंड
बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने शेयरधारकों की मंजूरी मिलने पर प्रति इक्विटी शेयर ₹1.50 का फाइनल डिविडेंड देने की सिफारिश की है। यह राशि आगामी एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में पास होनी है। कंपनी ने ₹3525 करोड़ की लागत वाली वेतन संशोधन (Wage Revision) के बड़े खर्च को भी सफलतापूर्वक अवशोषित कर लिया, जो बड़े ऑपरेशनल खर्चों को मैनेज करने की कंपनी की क्षमता को दर्शाता है। यह प्रदर्शन पिछले वित्तीय वर्षों में PAT में आई गिरावट को देखते हुए और भी अहम हो जाता है।
ऑडिटर की चिंताएं और बढ़ते क्लेम
शानदार मुनाफे के बावजूद, कंपनी को कुछ बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। ऑडिटर ने FY26 के वित्तीय विवरणों पर 'क्वालिफाइड ओपिनियन' (Qualified Opinion) दिया है। उन्होंने इंटर-ऑफिस खातों, बैंकिंग लेनदेन और रीइंश्योरेंस में असत्यापित शेष (unreconciled balances) जैसी समस्याओं का जिक्र किया है, जिनका पूरा प्रभाव अनिश्चित है।
इसके अलावा, कुछ खास सेगमेंट में क्लेम रेश्यो बढ़ा है, खासकर मोटर थर्ड पार्टी (Motor Third Party) सेगमेंट में प्रीमियम रिवीजन की कमी के कारण, और एविएशन (Aviation) सेगमेंट में भी। कंपनी पर ₹830.90 करोड़ की कंटीजेंट लायबिलिटी (contingent liabilities) भी है, जो टैक्स डिमांड से जुड़ी है और अभी अपील में है। ऑडिटर ने इंटरनल कंट्रोल्स (Internal Controls) और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड मैनेजमेंट में संभावित कमजोरियों की ओर भी इशारा किया है, हालांकि कंपनी इन क्षेत्रों को बेहतर बनाने पर काम कर रही है। इसके साथ ही, कंपनी के कुवैत ऑफिस (Kuwait office) के गोइंग कंसर्न स्टेटस (going concern status) को लेकर भी एक मैटेरियल अनिश्चितता (material uncertainty) घोषित की गई है।
FY26 के लिए कंपनी का कंबाइंड रेश्यो (Combined Ratio) 116.67% रहा। यह दर्शाता है कि क्लेम और खर्चों की लागत, कमाए गए प्रीमियम से ज्यादा थी, जो एक प्रमुख ऑपरेशनल एफिशिएंसी (operational efficiency) की चुनौती है।
निवेशकों को क्या देखना चाहिए?
निवेशक आगामी एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में ₹1.50 के फाइनल डिविडेंड के लिए शेयरधारकों की मंजूरी पर नजर रखेंगे। इसके अलावा, ऑडिटर द्वारा बताई गई बैलेंस रिकंसीलिएशन (balance reconciliations) की समस्याओं को हल करने की दिशा में कंपनी की प्रगति, मोटर थर्ड पार्टी और एविएशन सेगमेंट में क्लेम रेश्यो में किसी भी तरह का सुधार या गिरावट, और इंटरनल कंट्रोल्स व इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड मैनेजमेंट को मजबूत करने के प्रयासों पर भी खास ध्यान देना होगा। कंपनी द्वारा नए रजिस्ट्रार एंड ट्रांसफर एजेंट (R&TA) को ऑनबोर्ड (onboard) करना भी एक महत्वपूर्ण कदम होगा।
