मुनाफे में 34.6% की जोरदार उछाल!
इस दमदार परफॉरमेंस की मुख्य वजह नए बिजनेस वैल्यू (New Business Value - VNB) में हुई 10.9% की जोरदार ग्रोथ रही। FY26 के लिए VNB ₹2,629 करोड़ रहा, और VNB मार्जिन 24.7% पर बना रहा। कंपनी की एम्बेडेड वैल्यू (Embedded Value - EV) भी 10.5% बढ़कर ₹52,989 करोड़ हो गई।
₹1.65 का डिविडेंड निवेशकों के लिए
बोर्ड द्वारा सुझाया गया ₹1.65 का डिविडेंड शेयरहोल्डर्स के लिए अच्छी खबर है। यह फैसला कंपनी के मजबूत वित्तीय स्वास्थ्य को दर्शाता है। इस पर शेयरहोल्डर्स से मंजूरी आने वाली एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में ली जाएगी।
मैनेजमेंट के अहम फैसले
कंपनी ने गवर्नेंस को मजबूत करने के लिए Chaturvedi & Co LLP को अगले चार सालों के लिए ज्वाइंट स्टेट्यूटरी ऑडिटर (Joint Statutory Auditor) नियुक्त किया है। साथ ही, कर्मचारियों को कंपनी के लॉन्ग-टर्म ग्रोथ से जोड़ने के लिए एम्प्लॉई स्टॉक ऑप्शंस (Employee Stock Options) और यूनिट्स ग्रांट करने को भी मंजूरी दी गई है।
पिछले नतीजों में भी मजबूती
यह तेजी पूरे साल में ही नहीं, बल्कि पिछले क्वार्टर्स में भी दिखी है। FY26 के पहले नौ महीनों में PAT 23.5% बढ़कर ₹992 करोड़ रहा। वहीं, FY26 की तीसरी तिमाही में नेट प्रॉफिट 19.15% बढ़कर ₹387.15 करोड़ दर्ज किया गया।
प्रतिस्पर्धी मार्केट और चुनौतियाँ
मार्केट में ICICI Prudential Life का मुकाबला HDFC Life Insurance, SBI Life Insurance और Life Insurance Corporation of India (LIC) जैसी बड़ी कंपनियों से है। हालांकि, कंपनी को एक ₹420.8 करोड़ के गुड्स एंड सर्विस टैक्स (GST) डिमांड नोटिस का सामना भी करना पड़ रहा है, जिस पर वह लीगल लड़ाई लड़ रही है। कंपनी को IRDA से भी पहले कुछ रेगुलेटरी पेनाल्टी (Regulatory Penalties) मिल चुकी हैं।
निवेशक अब डिविडेंड पर शेयरहोल्डर्स की मंजूरी और भविष्य में कंपनी की ग्रोथ स्ट्रेटेजी और मार्जिन को लेकर मैनेजमेंट के आउटलुक पर पैनी नजर रखेंगे।
