FY26 में ₹27.72 अरब का नेट प्रॉफिट, Q4 में प्रीमियम में 18.2% की उछाल
ICICI Lombard General Insurance Company Ltd. ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर (FY26) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी ने ₹27.72 अरब का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) दर्ज किया है, जो पिछले साल की तुलना में 10.5% ज़्यादा है।
वहीं, 2026 के चौथे क्वार्टर (Q4 FY26) में कंपनी की ग्रोथ ज़बरदस्त रही। इस दौरान ग्रॉस डायरेक्ट प्रीमियम इनकम (GDPI) में 18.2% की बढ़त दर्ज की गई। जबकि, इस तिमाही में इंडस्ट्री का GDPI ग्रोथ 10.9% रहा था। इस तरह ICICI Lombard ने बाज़ार को पीछे छोड़ दिया।
शेयरधारकों को तोहफा: ₹7 प्रति शेयर डिविडेंड का ऐलान
कंपनी के बोर्ड ने ₹7.00 प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड का भी ऐलान किया है। इसके साथ ही, पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए कुल डिविडेंड ₹13.50 प्रति शेयर हो गया है, जो पिछले फाइनेंशियल ईयर 2025 में ₹12.50 था।
इस बढ़त के पीछे प्रीमियम कलेक्शन में अच्छी ग्रोथ और ऑपरेशनल एफिशिएंसी का बड़ा हाथ है। हालांकि, कंपनी को 'मोटर टीपी' (Motor TP) जैसे सेगमेंट में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
Ind AS के लिए तैयारी और डिजिटल पर ज़ोर
इसके अलावा, ICICI Lombard 1 अप्रैल, 2026 से लागू होने वाले इंडियन अकाउंटिंग स्टैंडर्ड्स (Ind AS) के लिए तैयारी कर रही है। यह बदलाव फाइनेंशियल रिपोर्टिंग में ज़्यादा ट्रांसपेरेंसी और ग्लोबल तुलनात्मकता लाएगा, लेकिन इसके लिए सिस्टम और प्रोसेस में बड़े बदलाव करने होंगे।
कंपनी डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन पर भी ज़ोर दे रही है। 'IL OneForce' और 'IL TakeCare' जैसे प्लेटफॉर्म्स के ज़रिए ऑपरेशनल एफिशिएंसी और कस्टमर एंगेजमेंट को बेहतर बनाया जा रहा है।
आगे की राह: चुनौतियां और बाज़ार पोजीशन
शेयरहोल्डर्स के लिए डिविडेंड में बढ़ोतरी एक अच्छी खबर है। Ind AS लागू होने के बाद, फाइनेंशियल रिपोर्टिंग ग्लोबल स्टैंडर्ड्स के करीब आ जाएगी।
आगे चलकर, कंपनी को बढ़ती प्रतिस्पर्धा, खासकर 'फायर' (Fire) सेगमेंट में, और 'मोटर थर्ड पार्टी' (Motor TP) सेगमेंट में प्राइसिंग रिफॉर्म्स में देरी जैसी चुनौतियों से निपटना होगा। Ind AS को अपनाने की प्रक्रिया भी डेटा मैनेजमेंट और टेक्नोलॉजी इंटीग्रेशन के मामले में मुश्किल भरी हो सकती है।
FY26 में ICICI Lombard का ग्रॉस डायरेक्ट प्रीमियम इनकम (GDPI) ग्रोथ 7.0% रहा, जबकि इंडस्ट्री ग्रोथ 9.2% था। कंपनी ने FY25 में 9.0% मार्केट शेयर के साथ प्राइवेट जनरल इंश्योरर के तौर पर अपनी लीडिंग पोजीशन बनाए रखी।
ज़रूरी आंकड़े
रिटर्न ऑन एवरेज इक्विटी (ROAE) FY26 में 17.8% रहा, जो FY25 के 19.1% से थोड़ा कम है। वहीं, कंबाइंड रेश्यो (Combined Ratio) FY26 में सुधरकर 102.4% हो गया, जो पिछले साल 102.6% था। कंपनी का सॉल्वेंसी रेश्यो (Solvency Ratio) 2.67x रहा, जो रेगुलेटरी मिनिमम 1.50x से काफी ऊपर है।
आगे निवेशकों की नज़र कंपनी के प्रस्तावित डिविडेंड की मंज़ूरी पर रहेगी। साथ ही, FY27 से Ind AS के तहत कंपनी के परफॉरमेंस और रिपोर्टिंग ट्रांज़िशन पर भी ध्यान दिया जाएगा। मैनेजमेंट के लिए यह देखना अहम होगा कि वे विभिन्न सेगमेंट्स में प्राइसिंग और कॉम्पिटिशन की चुनौतियों से कैसे निपटते हैं।
