₹484.82 करोड़ की भारी टैक्स डिमांड
यह नोटिस असेसमेंट ईयर 2023-24 के लिए जारी किया गया है। इसमें ₹384.43 करोड़ की मूल मांग और ₹100.39 करोड़ का ब्याज शामिल है, जिससे कुल राशि ₹484.82 करोड़ हो जाती है।
कंपनी के लिए बड़ी चुनौती
यह भारी-भरकम डिमांड Go Digit के लिए एक महत्वपूर्ण वित्तीय चुनौती है। अगर कंपनी की अपील सफल नहीं होती है, तो उसे एक बड़ी रकम का भुगतान करना पड़ सकता है, जिसका सीधा असर उसकी प्रॉफिटेबिलिटी और लिक्विडिटी पर पड़ेगा।
कंपनी का बैकग्राउंड
Go Digit, जो 2016 में स्थापित एक टेक-केंद्रित इंश्योरर है, ने मई 2024 में अपने IPO के माध्यम से लगभग ₹2,614.65 करोड़ जुटाए थे। कंपनी को Fairfax Financial Holdings जैसे बड़े निवेशकों का समर्थन प्राप्त है।
पिछला टैक्स स्क्रूटनी
यह पहला मौका नहीं है जब Go Digit को टैक्स संबंधी जांच का सामना करना पड़ रहा है। मार्च 2026 में कंपनी को ₹170 करोड़ का गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) डिमांड नोटिस मिला था। इससे पहले, सितंबर 2025 में ₹11.66 करोड़ का GST नोटिस भी जारी हुआ था। दोनों ही पूर्व मामलों में कंपनी ने कानूनी सलाह लेने और अपील दायर करने की बात कही थी।
साथियों से तुलना
अन्य इंश्योरेंस कंपनियों से तुलना करें तो, ICICI Lombard General Insurance का मार्केट शेयर 8.6% है। वहीं, SBI General Insurance ने 9M FY26 में 14.5% की ग्रोथ दिखाई, और HDFC ERGO General Insurance ने FY24 में ₹18,568 करोड़ के ग्रॉस डायरेक्ट प्रीमियम्स दर्ज किए।
आगे क्या?
आगे चलकर, निवेशक कंपनी की लीगल एडवाइस के मूल्यांकन पर बारीकी से नजर रखेंगे और अपील दायर करने की प्रक्रिया को ट्रैक करेंगे। कंपनी के वित्तीय अपडेट्स पर भी ध्यान दिया जाएगा कि इस टैक्स डिमांड का उसकी सॉल्वेंसी और प्रॉफिटेबिलिटी पर क्या प्रभाव पड़ता है।
